रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में शुक्रवार रात को छात्रा के सुसाइड करने के मामले मे छात्रा के पिता ने शिकायत देते हुए कहा कि उसकी बेटी को एक युवक तंग करता था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। आज मृतका का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
बता दें चरखी-दादरी जिले के गांव रानीला निवासी 20 वर्षीय दीक्षा एमडीयू में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। साथ ही उसने मेघना गर्ल्स हॉस्टल में कमरा ले रखा था। छात्राओं ने पुलिस को बताया कि शाम छह बजे तक दीक्षा को हॉस्टल में घूमते हुए देखा गया।
अचानक हॉस्टल के अंदर से छात्रा के चीखने की आवाज सुनाई दी। छात्राएं दीक्षा के कमरे के बाहर पहुंची, लेकिन अंदर से दरवाजा बंद था। उन्होंने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तुरंत मामले की सूचना हॉस्टल वार्डन को दी गई। वहां से सूचना पाकर रजिस्ट्रार गुलशन तनेजा मौके पर पहुंचे और पुलिस को अवगत कराया।
जिला चरखी दादरी के गांव रानीला निवासी रिटायर्ड फौजी भरत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसको दो बच्चे हैं। उसकी बड़ी बेटी करीब 23 वर्षीय दीक्षा एमडीयू में M.SC की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। दीक्षा गर्ल्स हॉस्टल में ही रहती थी। शुक्रवार रात करीब सवा 8 बजे एमडीयू से हॉस्टल वार्डन का फोन आया और उन्हें यूनिवर्सिटी में जल्द आने के लिए कहा।
हॉस्टल प्रशासन द्वारा बुलाए जाने के कारण वे तुरंत एमडीयू में पहुंचे। हॉस्टल के बाहर काफी लड़के खड़े हुए थे। उन्होंने हॉस्टल का शीशा तोड़कर देखा तो उसकी बेटी दीक्षा पंखें पर चुन्नी के फंदे पर लटकी हुई थी। वे दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने अपनी बेटी को फंदे से उतारा।
उन्होंने बताया कि अपने स्तर पर बेटी के सुसाइड करने के बारे में पता लगाया। जानकारी मिली कि उसकी बेटी को दिपांशु नाम का युवक तंग करता था। जिसके कारण दीक्षा ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शिकायत में उन्होंने मामले की गहनता से जांच करने व आरोपी को सजा दिलाने की गुहार लगाई।
