महेन्द्रगढ़ शहर में स्थित सब्जी मंडी के पास एक मंदिर में शनिवार को धर्मा नामक एक वयक्ति मंदिर में सफाई कर रहा था कि मंदिर के साथ बने पुराने कुँए से उसे रोने की आवाज सुनाई दी। वह आवाज सुनकर कुएं के पास पहुंचा तो उसने जो देखा वह देख कर उसके होश उड़ गए। उसे कुँए में एक लड़की नजर आई। लड़की बचाने की गुहार लगा रही थी। धर्मा ने आसपास के लोगों को इकठ्ठा कर पुलिस को सूचना दी। कुएं में जिंदा लड़की के पड़े होने की सूचना के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सूचना के बाद पुलिस व फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। रस्सी के जरिए एक गोताखोर को कुएं में उतारा गया और लगभग आधे घंटे चले रेस्क्यू ऑपेरशन के बाद लड़की को जिंदा बाहर निकाला गया। युवती को काफी चोटें लगी हुई हैं। जिसकी वजह से उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महेन्द्रगढ़ शहर निवासी रूपचंद की 25 साल की बेटी BSc की स्टूडेंट है। पिता के अनुसार वह कुछ दिन से मानसिक तनाव से गुजर रही थी। 21 अक्टूबर की शाम वह अचानक घर से लापता हो गई। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस थाने में दर्ज कराई। दो दिन से पुलिस लड़की को तलाश रही थी। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। और अचानक शनिवार सुबह कुएं में गिरे होने की सूचना के बाद पहले परिजन पहुंचे और फिर पुलिस भी पहुंच गई। लड़की की हालत फिलहाल ठीक बताई गई है।
सब्जी मंडी के पास जिस कुएं से युवती को बरामद किया गया है, वह कुआं दशकों पुराना है और उसमें अब पानी भी काफी कम है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि लड़की कुएं में कैसे गिरी? पुलिस भी इस सवाल के उत्तर के लिए युवती के ठीक होने का इंतजार कर रही है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार का कहना है कि लड़की के जल्द ठीक होते ही उसके बयान दर्ज किए जाएंगे।

