जींद में एसएचओ पर महिला द्वारा रेप के आरोप मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक गिरोह की महिला समेत तीन आरोपियों को काबू है, जो लोगों को इस तरह की शिकायत देकर ब्लैक मेलिंग करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जींद की सपना, पड़ाना के नीरज और कैथल जिले के बालू निवासी राजकुमार उर्फ राजू के रूप में हुई है।
आरोपियों ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते एसएचओ को फंसाने की साजिश रची और इसके लिए बिजेंद्र मोर नामक एक आरोपी ने महिला को रेप की शिकायत देने के लिए दो लाख रुपए भी दिए गए थे।
एसपी राजेश कुमार और डीएसपी अमित भाटिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें ई-मेल और डाक के जरिए शिकायत मिली थी। यही शिकायत महिला आयोग भी भेजी गई थी। इसमें एसएचओ पर रेप के आरोप, अश्लील वीडियो बनाने, धमकाने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने एसआईटी गठित कर मामले की जांच शुरू की।
जिस डाक से शिकायत आई थी, उसकी जांच की गई। स्कीम नंबर पांच स्थित डाकघर से शिकायत आई थी। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से संदिग्ध निकाले और उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो शिकायतकर्ता महिला को गिरफ्तार किया गया।
महिला ने बताया कि शहर के ही विजेंद्र नामक व्यक्ति ने एसएचओ के खिलाफ रेप के आरोप लगाने की शिकायत देने के लिए दो लाख रुपए दिए थे।
महिला ने शिकायत के साथ सबूत के तौर पर जो पेन ड्राइव डाली थी, उसमें किसी पोर्न वेबसाइट से वीडियो डाउनलोड कर डाली थी। इस वीडियो में कहीं भी ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे एसएचओ या महिला का चेहरा, नाम, पहचान कुछ भी नहीं था। वहीं एसएचओ ने भी शहर थाना में शिकायत दर्ज करवाई हुई थी, जिसमें उसके खिलाफ डाक में शिकायत भेजकर आरोप लगाए गए थे।
एसआईटी की जांच में सामने आया कि जाजनवाला गांव निवासी बिजेंद्र मोर का अमरेहड़ी के पास जमीनी विवाद चल रहा था। इसमें बिजेंद्र मोर और दूसरे गेट के खिलाफ क्रॉस मुकदमे दर्ज थे। इस मामले में बिजेंद्र मोर ने एसएचओ को ललचाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाया, इसलिए एसएचओ को फंसाने की साजिश रची और सपना को दो लाख रुपए देकर एसएचओ के खिलाफ रेप की शिकायत देने के लिए तैयार किया।
सपना उर्फ सिवानी पर पहले भी पांच केस दर्ज हैं, जिनमें उसने ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठे और बाद में समझौता किया। बिजेंद्र मोर ने एसएचओ को फंसाने के लिए दो लाख रुपए दिए। बाकी मामलों की भी जांच चल रही है। राजकुमार उर्फ राजू निवासी बालू फिलहाल जींद में ही रहता है। वह लीला ठेकेदार के पास नौकरी करता है।
आरोपियों को अदालत में पेश कर राजकुमार को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और बाकी दो आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी राजेश ने बताया कि एसआईटी में डीएसपी नरवाना अमित कुमार, महिला थाना एसएचओ नीलम देवी, नरवाना सीआईए इंचार्ज सुखदेव सिंह, एएसआई अवतार सिंह शामिल थे।
