नेपाल में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 1000 के करीब पहुंच गई है. नेपाल के गृह मंत्रालय ने मंगलवार (1 सितंबर) को बाढ़ से जुड़े नए आंकड़े शेयर किए. मंत्रालय के मुताबिक मरने वालों की संख्या 987 हो गई है. जबकि अभी तक 3716 लोग लापता हैं. नेपाल के साथ-साथ भारत की रेस्क्यू टीम भी लगातार काम पर जुटी है. इस बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि हमारा देश दुनिया के पापों की कीमत चुका रहा है.
बाढ़ की वजह से अभी तक 987 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि अभी तक 11,814 लोगों को सुरक्षित रूप से बचाया जा चुका है. घायलों की संख्या 279 तक पहुंच गई है. वहीं 3916 लोग अभी भी लापता हैं. नेपाल ने रेस्क्यू अभियान में 21,011 सुरक्षाकर्मियों को लगाया है. इसमें नेपाल पुलिस के 7912 लोग शामिल हैं. अहम बात यह भी है कि नेपाल में बाढ़ का नया अलर्ट भी जारी हुआ है.
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि यह सामान्य बाढ़ नहीं, बल्कि एक हिमालयन सुनामी थी. उनका कहना है कि नेपाल दुनिया के पाप की कीमत चुका रहा है. उन्होंने कहा, ‘नेपाल इस विनाशकारी हिमालयन सुनामी के लिए कानूनी जलवायु मुआवजे की मांग क्यों कर रहा है, जिसे उसने खुद नहीं पैदा किया.’
उन्होंने कहा, ‘यह कोई सामान्य बाढ़ नहीं थी. लहरों की ऊंचाई 20 से 30 मीटर तक पहुंच गई और गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई. यह बवंडर जैसी गति वाला आपदा था, जिसे कई लोग सही मायने में हिमालयन सुनामी कह रहे हैं. यह आपदा का ऐसा पैमाना है जो नेपाल की जीवित स्मृति से पूरी तरह बाहर है. नेपाल के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन लगभग नगण्य हैं. फिर भी हम उस वैश्विक संकट की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं.’
