हरियाणा में 9 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाएं हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त में सफर कर सकेंगी। महिलाओं को इस सुविधा का लाभ एक दिन पहले यानी 8 अगस्त को भी मिलेगा। उनके साथ 15 साल तक का बच्चा भी मुफ्त में सफर कर सकेगा।
बुधवार को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने रक्षाबंधन के दिन सभी आयु वर्ग की महिलाओं को उनके बच्चों के साथ राज्य सहित चंडीगढ़ व दिल्ली तक चलने वाली हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है, ताकि महिलाएं, बहनें व बच्चे रक्षाबंधन के पर्व पर आवागमन कर सकें।
हालांकि, स्टेज कैरिज बस ऑपरेटर्स वेल्फेयर एसोसिएशन का कहना है कि बसों में टिकट लगेगा। सरकार प्राइवेट बस वालों को इसके लिए मजबूर नहीं कर सकती।
स्टेज कैरिज बस ऑपरेटर्स वेल्फेयर एसोसिएशन के राज्य उपप्रधान डॉ. धन सिंह ने भिवानी में कहा कि हरियाणा में रक्षाबंधन या अन्य अवसरों पर महिलाओं को मिलने वाली फ्री बस यात्रा की सुविधा केवल हरियाणा रोडवेज की बसों तक सीमित है। प्राइवेट बस संचालकों को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से सरकार से सूचना भी ली गई। जिसमें स्पष्ट है कि रोडवेज के फ्री व कंसेशनल पास भी केवल रोडवेज पर ही मान्य होंगे। प्राइवेट बसों को यह सेवा देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। प्राइवेट बसों में सफर करने वालों को टिकट लेना होगा।
डॉ. धन सिंह ने कहा कि प्राइवेट बसों पर जबरन फ्री यात्रा लागू करना संविधान के अनुच्छेद 300A और 19(1)(g) का उल्लंघन है। जब तक सरकार मुआवजा या भुगतान का कोई विधिक प्रावधान नहीं करती, तब तक यूनियन इस आदेश को नहीं मानेगी। उन्होंने साफ किया कि यदि किसी अधिकारी द्वारा भ्रम फैलाया गया या व्यवसायिक नुकसान हुआ, तो यूनियन रिकवरी सूट दायर करेगी।
हरियाणा के निवासियों की सुविधा के लिए यह भी फैसला लिया गया है कि राज्य के प्रत्येक गांव में हरियाणा रोडवेज की बस जाएगी। सभी गांवों में बस को पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा कवायद शुरू कर दी गई है। इस बारे में राज्य के सभी परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों को एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। हरियाणा रोडवेज कमर्शियल संस्था नहीं है, बल्कि हरियाणा रोडवेज सर्विस संस्था है और हरियाणा रोडवेज का काम सर्विस देना है। इसलिए राज्य के प्रत्येक गांव में बस जाएगी।
