हरियाणा के यमुनानगर जिले में छह महीने पुराने विवाद के मामले में पुलिस ने गांव दौलतपुर (मालियां) की पूर्व सरपंच पिंकी रानी को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारी से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच समानांतर रूप से की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2025 को हरियाणा राज्य आजीविका मिशन के तहत गांव जंजा चंदना में एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में निर्माण कार्य से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए अधिकारी देवेंद्र राणा पहुंचे थे। आरोप है कि बैठक के दौरान तत्कालीन सरपंच पिंकी रानी ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, अधिकारी का रास्ता रोका, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत की जांच के बाद 4 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में अब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
वहीं, पिंकी रानी ने भी पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान देवेंद्र राणा और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक शब्द कहे, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर पुलिस ने देवेंद्र राणा समेत सात लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
छप्पर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पिंकी रानी सरपंच होने के साथ-साथ आशा वर्कर के पद पर भी कार्यरत थीं। दोनों पदों का मानदेय मिलने की शिकायत के बाद उन्हें हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत सरपंच पद से हटा दिया गया था।

