कांग्रेस हाईकमान के फैसलों से नाराज कुमारी शैलजा को लेकर सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस की गुटबाजी का भाजपा फायदा उठा रही है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चुनावों के बीच कुमारी सैलजा को ऑफर दे दिया है। खट्टर ने उन्हें भाजपा के साथ चलने का न्योता दिया है।
हरियाणा कांग्रेस में दो फाड़ होते देख भाजपा ने मौके को भुनाने का मन बना लिया है। बता दें कि हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कुमारी शैलजा को ऑफर दे दिया है। उन्होंने कुमारी शैलजा को भाजपा में शामिल होने का ऑफर दे दिया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बहन कुमारी शैलजा का कांग्रेस में अपमान हुआ है। हमने कई नेताओं को साथ मिलाया है। हम उन्हें अपने साथ लाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा को गालियां तक दी गई और वो घर बैठी हैं। खट्टर ने भूपेंद्र हुड्डा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस अपमान पर उन्हें कोई शर्म नहीं आई। आज एक बड़ा वर्ग सोच रहा है क्या करें। हमने कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उन्हें भी अपने साथ लाने के लिए तैयार हैं।
बता दें कि कुमारी शैलजा कांग्रेस से नाराज चल रही हैं। वो पिछले कई दिनों से चुनाव प्रचार में नहीं दिख रही हैं। हालांकि टिकट बंटवारे से पहले वो रैली और यात्राएं कर रही थी। अब बताया जा रहा है कि उनके समर्थकों को टिकट नहीं मिलने से वो नाराज हैं। कांग्रेस आलाकमान ने भूपेंद्र हुड्डा के 72समर्थकों को टिकट दिया है। वहीं, कुमारी शेलजा के 9समर्थको को टिकट दिया गया है। अब भाजपा कुमारी शैलजा को अपनी पार्टी में शामिल करा दलित वोट बैंक को साधना चाहती है।
हरियाणा कांग्रेस में कुछ बड़ा हो सकता है- इसकी चर्चा सूबे के गलियारों में जोरों से है. हरियाणा कांग्रेस की बड़ी दलित नेता और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा को BJP और BSP जॉइन करने का ऑफर मिला है. प्रदेश में कांग्रेस की सियासत में खुद को अलग-थलग मान रहीं कुमारी सैलजा ने प्रचार से भी दूरी बना ली है. 13 सितंबर को सैलजा ने अपने हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया. इसके बाद वे न तो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और न ही कहीं प्रचार करती हुई नजर आई हैं.
इस मुद्दे पर सियासत तब गरमाई जब मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर ने सैलजा को कांग्रेस में आने का ऑफर दे डाला. उन्होंने कहा- इस अपमान के बावजूद हुड्डा और गांधी परिवार कोई शर्म नहीं आई है. एक बड़ा वर्ग सोच रहा है कि क्या करें. हमने पहले भी कई नेताओं को अपने साथ मिलाया और हम तैयार हैं उन्हें (कुमारी सैलजा) भी साथ लाने के लिए.
