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ऋषिकेश विवाद के बाद सोशल मीडिया पर “Boycott Uttarakhand” ट्रेंड….हरियाणा के इन्फ्लुएंसर्स बोले भूखे मर मर जाओगे

उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के युवकों को निर्वस्त्र कर पीटने के मामले ने अब सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के बाद हरियाणा के कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स “Boycott Uttarakhand” ट्रेंड चला रहे हैं और लगातार उत्तराखंड के खिलाफ वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, उत्तराखंड पुलिस की चुप्पी और धीमी प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ऋषिकेश के काले की ढाल इलाके में एक महिला और हरियाणा के कुछ युवकों के बीच गलतफहमी के बाद विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि इसके बाद मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और हरियाणा के युवकों के साथ मारपीट की गई। युवकों की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और उन्हें कपड़े उतरवाकर सड़क पर घुमाया गया। इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

घटना के बाद हरियाणा के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स लगातार वीडियो जारी कर उत्तराखंड के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। कई वीडियो में उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को निशाना बनाया गया और हरियाणा के लोगों से उत्तराखंड न जाने की अपील की गई।

हर्ष छिकारा का बयान वायरल

हरियाणा के फेमस इन्फ्लुएंसर हर्ष छिकारा ने वीडियो जारी कर कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश का कारोबार हरियाणा के लोगों की वजह से चलता है। उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा के लोग एक साल तक उत्तराखंड जाना बंद कर दें तो वहां के लोग आर्थिक रूप से परेशान हो जाएंगे।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बिना जांच किसी को भीड़ द्वारा पीटना गलत है और अगर कोई आरोपी है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की।

दूसरे इन्फ्लुएंसर्स ने भी की बयानबाजी

रोहतक के रहने वाले इन्फ्लुएंसर सनी ने भी वीडियो जारी कर कहा कि अगर हरियाणा के लोग ऋषिकेश और हरिद्वार जाना छोड़ दें तो वहां के लोग आर्थिक संकट में आ जाएंगे। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें उत्तराखंड के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की जा रही हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने दी नसीहत

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अनर्गल बयानबाजी से बचने की अपील की।

जोशी ने कहा कि ऋषिकेश में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून इस मामले में अपना काम कर रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सोशल मीडिया पर नफरत फैलाना किसी भी तरह उचित नहीं है।

दिग्विजय चौटाला ने उठाए सवाल

जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने इस घटना को “हरियाणवी अस्मिता” से जोड़ते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों पर HR नंबर की गाड़ियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के पर्यटकों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि अगर कोई आरोप था तो पुलिस को शिकायत दी जानी चाहिए थी, लेकिन भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेना बेहद खतरनाक है।

जानिए क्या था पूरा मामला

कैथल निवासी सतीश कुमार के मुताबिक, वह अपने दोस्त सतबीर के साथ 20 मई को ऋषिकेश घूमने गए थे। दोनों युवक अपनी HR नंबर की वेन्यू कार में काले की ढाल इलाके में पहुंचे थे।

इसी दौरान एक महिला ने आरोप लगाया कि युवकों ने उसकी 8 वर्षीय बेटी की तरफ गलत इशारे किए। महिला ने गाड़ी रुकवाई और बातचीत शुरू हुई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

आरोप है कि भीड़ ने दोनों युवकों को गाड़ी से बाहर निकालकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। कार पर पत्थर फेंके गए और शीशे तोड़ दिए गए। इसके बाद युवकों के कपड़े उतरवाकर उन्हें सड़क पर घुमाया गया।

पीड़ित युवकों का कहना है कि उन्हें सिर्फ HR नंबर की गाड़ी होने की वजह से टारगेट किया गया। उनका दावा है कि उन्होंने कोई गलत हरकत नहीं की थी।

महिला ने क्या कहा?

वहीं लड़की की मां ने मीडिया के सामने आकर कहा कि युवकों ने उसकी बेटी की तरफ आपत्तिजनक इशारे किए थे। इसी वजह से उसने गाड़ी रुकवाई थी। हालांकि महिला ने यह भी कहा कि बाद में भीड़ ने मामला अपने हाथ में ले लिया।

पुलिस ने क्या कहा?

मामले में एसपी ने कहा कि अगर किसी ने गलत हरकत की थी तो इसकी शिकायत पुलिस से की जानी चाहिए थी। भीड़ द्वारा मारपीट करना और कानून हाथ में लेना गलत है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर ऋषिकेश निवासी अशोक थापा और नरेश कश्यप को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर बढ़ रही नफरत

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर हरियाणा और उत्तराखंड को लेकर लगातार भड़काऊ टिप्पणियां की जा रही हैं। कई लोग “Boycott Uttarakhand” ट्रेंड चला रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ उत्तराखंड के लोग भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर क्षेत्रीय नफरत बढ़ना खतरनाक हो सकता है और इससे दोनों राज्यों के लोगों के बीच तनाव पैदा हो सकता है।

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