बरगी बांध के 9 गेट जलस्तर बढ़ने के कारण खोल दिए गए, जिससे नर्मदा नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। बांध से 52 हजार 195 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है क्योंकि मंडला और डिंडौरी जिलों में तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी में पानी का स्तर बढ़ गया है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है।
मध्यप्रदेश के महाकौशल में लगातार हो रही बारिश का असर दिखने लगा है। जबलपुर के बरगी डैम के गेट इस साल 23 दिन पहले ही खोलने पड़े। रविवार को दोपहर 12 बजे बरगी डैम से पानी छोड़ा गया। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने इस सीजन में पहली बार 21 में से 9 स्पिल-वे गेट औसतन 1.33 मीटर की ऊंचाई तक खोल दिए गए हैं। इनसे 52 हजार 195 क्यूसेक (घनफुट पानी प्रति सेकेंड) पानी छोड़ा जा रहा है।
डैम के गेट खोले जाने को लेकर जिला प्रशासन और बरगी बांध प्रबंधन ने नर्मदा नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अपस्ट्रीम में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बरगी बांध में पानी की आवक भी तेजी से हो रही है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। सुबह 11 बजे डैम का जलस्तर 417.40 मीटर पहुंच गया था।
कार्यपालन यंत्री ने बताया कि खोले गए 9 गेट में से गेट नंबर 10, 11 और 12 को दो-दो मीटर, गेट नंबर 9 और 13 को डेढ़-डेढ़ मीटर, गेट नंबर 8 और 14 को एक-एक मीटर और गेट नंबर 7 और 15 को आधा-आधा मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। उन्होंने बताया कि बांध में आवक को देखते हुए कभी भी इससे पानी निकासी की मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है। रविवार को सुबह 11 बजे बांध का जल स्तर 417.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया था और इस समय इसमें लगभग 98 हजार 741 क्युसेक पानी प्रवेश कर रहा था।
पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी का जलस्तर 4 से 5 फीट तक बढ़ सकता है। इस वजह से जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और अलीराजपुर जैसे जिलों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी है।
बरगी बांध के जलस्तर को 31 जुलाई तक 417.50 मीटर तक रखने का लक्ष्य है। बांध की अधिकतम क्षमता 422.76 मीटर है। रविवार को बांध का जलस्तर 417.40 मीटर तक पहुंच गया था। उस समय बांध में 98 हजार 741 क्यूसेक पानी आ रहा था।

