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बाढ़ से मची तबाही: उत्तराखंड में अब तक 47 की और केरल में 27 की मौत; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों से की अपील कि वे जहां हैं वहीं रहें।

उत्तराखंड और केरल में भारी बारिश से आई बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। उत्तराखंड में मंगलवार को बाढ़ और बारिश की वजह से हुए हादसों में 42 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मौतें बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से हुई हैं। कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। बारिश से अब तक राज्य में 47 लोग जान गंवा चुके हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उत्तराखंड बाढ़ पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जाहिर की। उन्होंने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया, क्योंकि राज्य में स्थिति अभी भी गंभीर है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बाढ़ प्रभावित राज्य में राहत कार्यों में हर संभव मदद करने को भी कहा। राहुल ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा, “उत्तराखंड बाढ़ पीड़ितों के प्रति मेरी संवेदना। स्थिति अभी भी गंभीर है। सुरक्षा मानदंडों का पालन करें। मेरे कांग्रेस सहयोगियों से मेरी अपील है कि राहत कार्य में हर संभव मदद करें।”

अल्मोड़ा में लैंडस्लाइड से मकान गिरने के कारण 3 बच्चों की दबकर मौत हो गई। एक महिला के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की भी खबर है। जिले के कई इलाकों का बाकी हिस्सों से संपर्क पूरी तरह से कट चुका है। मलबे के कारण जिले के कई रास्ते भी बंद हो गए हैं। मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपेरशन जारी है।

केरल के भी कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई है, जिसके चलते बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं में 27 लोगों की मौत हुई है। कुछ लोगों के लापता होने की भी खबर है।

IMD का अनुमान है कि केरल के कई हिस्सों में 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली बारिश तीन दिनों तक जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने तिरुवनंतपुरम, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड और कन्नूर समेत राज्य के 11 जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कासरगोड, अलाप्पुझा और कोल्लम में यलो अलर्ट जारी है। विभाग की ओर से 21 अक्टूबर को कन्नूर और कासरगोड को छोड़कर सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड और नेपाल में हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। UP में कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।नदी से सटे दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

नेपाल में भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। यहां बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 21 लोगों की मौत हो गई है और 24 लोग लापता हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय ने कहा कि देश के 19 जिले बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। देश में पहले ही मानसून के मौसम का अंत हो चुका था, लेकिन जलवायु में अचानक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के चलते यात्रा, बिजली की सप्लाई और कृषि उपज की कटाई काफी प्रभावित हुई है।

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे जहां हैं वहीं रहें। मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा फिर से शुरू न करें।

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