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हरियाणा में धर्मांतरण रोधी कानून का पहला केस :मुस्लिम से शादी करने पर FIR युवतीके पिता बोले,युवक ने परिवार के साथ मिलकर कराया धर्म परिवर्तन, फिर निकाह किया

हरियाणा में धर्मांतरण रोधी कानून के तहत फरीदाबाद के एसजीएम नगर थाने में पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। युवती के पिता इंश्योरेंस एडवाइजर धीरज कुमार ने अपने बेटी सहित उसके मुस्लिम पति समेत 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने युवती के पति जावेद, भाई फिरोज खान, लियाकत अली, पायल, इरशाद, मोहम्मद अब्दुल सजान, ईश्वर प्रसाद, गुफ्फरन शामिल है।

पिता की शिकायत पर पुलिस ने युवक, उसके पूरे परिवार, एफिडेविट बनाने वाले नोटरी, गवाह, निकाह कराने वाले काजी को भी आरोपी बनाया है। थाना प्रभारी संदीप धनखड़ ने कहा कि शिकायत अनुसार एक प्राथमिकी दर्ज की गई और इस मामले की जांच जारी है।

युवती के पिता का आरोप है कि उसकी हिंदू धर्म का अनुयायी हूं। मेरे तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी लड़की संस्कृति 22 साल की है जो कि बैंक में काम करती है। संस्कृति जावेद नाम युवक के झांसे में आ गई। एक साल पहले जावेद का परिवार उसके घर पर आया और कहने लगा कि संस्कृति की शादी जावेद से करवा दो। तब मैने कहा कि अपनी लड़की और जावेद के परिवार वालों काे समझाया कि हम हिंदू है तथा मुस्लिम लड़की के साथ शादी करने की इजाजत नही देंगे। इसके बाद जावेद और उसके परिवार वाले कहकर चले गए कि हमें तुम्हारी इजाजत की जरूरत नहीं है। धीरज ने बताया कि इसके बाद जावेद व उसके परिवार वालों ने 28 अक्टूबर, 2022 को संस्कृति का मतांतरण और निकाह करा दिया। सुरक्षा के लिए अदालत में याचिका दायर की। यदि कोर्ट में पिता के आरोप साबित हो गए तो इस अधिनियम के तहत दोष साबित होने पर तीन से 10 साल तक की जेल व पांच लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

हरियाणा में भाजपा सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून लेकर आई। इस साल मार्च 2022 के विधानसभा सत्र में जब इसे विधानसभा में पेश किया गया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया था और वह सदन से वाक आउट कर गई थी।

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