रोहतक, 19 जून।हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने 13 मई को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में हुई वार्ता में फायर कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आज तक कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया। इससे प्रदेशभर के पैरोल, नियमित व कौशल निगम के दमकल कर्मचारियों में भारी रोष और गहरा आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारी भवन, हनुमान कॉलोनी, सुखपुरा चौक रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन में प्रदेश के 22 जिलों से पहुंचे यूनियन पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार ने 30 जून तक मानी गई मांगों के आदेश जारी नहीं किए तो 6, 7 व 8 अगस्त को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह व महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 8 अप्रैल से 14 मई तक चली ऐतिहासिक हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए हरियाणा सरकार ने 13 मई को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनीता मिश्रा तथा डीजी फायर शेखर विद्यार्थी की उपस्थिति में फायर कर्मचारियों की अनेक महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति जताई थी।
मोके पर उपस्थित सीटू के राज्य उपाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा ने बताया कि सरकार ने फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी देने, 1181 पे-रोल फायर कर्मचारियों को रेगुलर कर 25,500 रुपये पे-स्केल, 60 प्रतिशत डीए व अन्य भत्ते देने,सभी कौशल निगम फायर कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा गारंटी देने,सभी तरह के फायर कर्मचारियों को 5,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता व 7,500 रुपये वर्दी भत्ता देने, नियमित कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से राहत देने तथा हड़ताल अवधि को ड्यूटी पीरियड मानने जैसी मांगों पर सहमति दी थी। यूनियन नेताओं ने कहा कि बैठक में स्वयं मंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने 30 जून से पहले कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने एक भी आदेश जारी नहीं किया। इससे साफ हो गया है कि सरकार की नीयत में खोट है और वह जानबूझकर फायर कर्मचारियों की मांगों को लटकाने व आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार टालमटोल की नीति अपनाकर फायर कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। यूनियन प्रतिनिधिमंडल अब तक तीन बार अग्निशमन निदेशालय जाकर डीजी फायर शेखर विद्यार्थी से मुलाकात कर चुका है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी और अविश्वास पैदा हो चुका है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक लिखित आदेश जारी नहीं किए गए तो 1 व 2 जुलाई को प्रदेश के सभी मुख्य दमकल केंद्रों पर विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के सहयोग से 7 जुलाई से 22 जुलाई तक सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल रैलियां आयोजित कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सभी दमकल केंद्र अधिकारियों को 22 जून को आगामी आंदोलन का नोटिस सौंपा जाएगा।नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार ने अपनी वादाखिलाफी जारी रखी तो प्रदेश के तमाम दमकल कर्मचारी 6, 7 व 8 अगस्त को तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। फायर कर्मचारी दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है और यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आने वाला आंदोलन पहले से भी ज्यादा व्यापक और निर्णायक होगा।मौके पर राज्य वरिष्ठ उप प्रधान राजीव खत्री, कोषाध्यक्ष सुखदेव सिंह,उप प्रधान सत्यवान, सचिव साहून खान, जय प्रकाश, गुरमेल,प्रेस सचिव रिंकू कुमार,सदस्य रामपाल,लिडिंग फायर मैन अमरदीप,राजेश कुमार सहित सभी जिलो के कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
