हिसार में बहुचर्चित जीवन हत्याकांड में न्याय को लेकर 14 अगस्त को लेकर हिसार जिले के करीब 5 टोल पर जाम लगाया गया था। अब हांसी उपद्रव के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए आंदोलनकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
हिसार में बरवाला के बाडोपट्टी टोल पर हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगाने वालों के खिलाफ बरवाला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना, साझा मंशा के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करके के तहत कार्रवाई की है।
हांसी उपद्रव के बाद 24 घंटे में यह दूसरी एफआईआर है। इससे पहले हांसी पुलिस ने उपद्रव के बाद इस मामले में 150-200 की उग्र भीड़ पर लाठीचार्ज, 14 नामजद किसान नेताओं व पूर्व सरपंचों समेत अन्य पर जानलेवा हमले व राष्ट्रध्वज अपमान की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की थी।
वहीं हांसी में कल हुए बवाल के मामले में नाराज कुंडू खाप और पूनिया खाप ने इमरजेंसी कॉल पर पंचायत बुलाई है। इस पंचायत में कल हांसी में हुए हालात पर समीक्षा की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वतंत्रता दिवस पर हांसी स्थित नेहरू कॉलेज में जिला स्तरीय ध्वजारोहण समारोह से ठीक पहले भारी हंगामा और उपद्रव हो गया था।
जीवन कूंडू हत्याकांड को लेकर पिछले 10-12 दिनों से विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक चेतावनियों को दरकिनार करते हुए सिसाये पुल नाके पर तैनात पुलिस बल पर ट्रैक्टर चढ़ाने और भारी पथराव करने की कोशिश की।
हिंसक हमले में हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज कर उग्र भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
पुलिस एफआईआर के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह करीब 6:40 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों में सवार 150 से 200 लोगों की उग्र भीड़ स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल की ओर बढ़ने लगी।
मौके पर तैनात कार्यकारी मजिस्ट्रेट उदयवीर झाझड़िया, उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) रविंद्र सांगवान और थाना प्रबंधक (शहर हांसी) निरीक्षक सुखजीत सिंह ने भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
पुलिस के अनुसार उपद्रवियों द्वारा पुलिस बल को धमकी दी गई कि तुम सभी यहां से भाग जाओ, नहीं तो हम तुम पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मार देंगे और किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री को आज शहर हांसी में ध्वजारोहण नहीं करने देंगे।
भीड़ के लगातार हिंसक होने और बैरिकेड्स तोड़कर पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश के बाद, ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 16 व 17 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज की अनुमति दी। पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को डेटा रोड कैंची तक खदेड़ा।
इसी बीच सूचना पाकर एसपी हांसी विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ कैंची चौक पहुंचे। उपद्रवियों ने दोबारा पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी विनोद कुमार ने खुद आगे होकर जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए भीड़ को तितर-बितर कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का ध्वजारोहण कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हो सका।
वहीं जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त महेंद्र पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए हिसार शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू किए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार हाल ही में हिसार में हुई एक घटना के संबंध में मृतक के परिजनों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन और टोल प्लाजा बंद करने के आह्वान के मद्देनजर कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
हांसी पुलिस ने सिटी थाना में सुरेश कौथ, अनिल बालकिया, रोशनलाल पाबड़ा, नरेन्द्र कूंडू (कंडूल), रामफल प्रधान (पंचग्रामी), अमरजीत कूंडू (किनाला), रवि (पूर्व सरपंच फरीदपुर), अजीत पूनियां (खरकड़ी), महेंद्र सिहाग (सेवानिवृत्त SI), रामकेश (जिला पार्षद फरीदपुर), वारिश सिंधु, रोहताश (किसान नेता डाटा), दयानन्द उर्फ दाना (दूहन, चैनत), शमशेर (नंबरदार लाडवा) को नामजद कर हिरासत में लिया है।
इन पर बीएनएस की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 152 (देश की संप्रभुता/अखंडता को खतरा), 189(6), 190, 191(2), 191(3) (दंगा भड़काने ), 121, 223, 132, 221, 351(3), धारा 2 व 3 राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971, धारा 3 PDPP Act 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।
