रोहतक के एग्रीकल्चर डेवलेपमेंट ऑफिसर नरेंद्र सिंह ने सदर थाना में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि धान कटाई के बाद बचे हुए अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस बारे में उप कृषि निदेशक ने 10 अक्टूबर के ग्राम स्तरीय संयुक्त टीम (एग्रीकल्चर/पटवारी/ग्राम सचिव) का गठन किया। इसके अलावा डीसी ने 21 नवंबर पत्र जारी करके धान के अवशेष जलाना दंडनीय अपराध है।

सयुक्त कमेटी को 23 नवंबर को गांव किलोई में आग लगने की सूचना हरसेक से प्राप्त हुई। आगजनी की सूचना प्राप्त होने के बाद ग्राम स्तरीय संयक्त निगरानी टीम मौके पर गई। टीम ने मिली लोकेशन पर जाकर खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि किसान ने अपने खेत में धान के अवशेष जलाए हुए थे।

गांव किलोई निवासी ओमप्रकाश के खेत में में 10 कनाल जमीन पर अवशेष जलाए गए थे। जिसके बाद मामले की शिकायत सदर थाना में दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने किसान पर प्रतिबंध के बावजूद पराली जलाने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले भी जिले के कई किसानों पर केस दर्ज किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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