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रोहतक में 25 से ज्यादा गांवों में खेत जलमग्न:अगली बिजाई पर संकट, ग्रामीण बोले-सांसद के गांव की हालत खराब, कोई नेता नहीं आया

रोहतक के ब्लॉक महम में करीब 20 गांवों में लगातार बरसात के कारण खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। महीनों से पानी खड़ा होने के बावजूद जल निकासी नहीं हो पा रही है और प्रशासन द्वारा लगाए गए पंप सेट भी काम नहीं कर रहे।

इसके चलते किसानों को अगली फसल की बिजाई के लिए भी मुश्किलें आ रही हैं। महम के करीब 20 गांव और कलानौर ब्लॉक के 7-8 गांवों में खेतों में 4-5 फुट तक पानी खड़ा है, जिससे धान, बाजरा, कपास, गन्ना और अन्य फसल पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।

किसानों का कहना है कि अगर पानी नहीं उतरा तो अगली फसल की बिजाई कैसे करेंगे। बरसात के कारण महम के गांव जैसे सीसर, भैणी महाराजपुर, सैमाण सहित करीब 20 गांवों में जलभराव की स्थिति है, जबकि कलानौर क्षेत्र के 7-8 गांवों में भी पानी जमा है।

खेतों से पानी निकालने का उचित प्रबंध नहीं हो पा रहा और पंप सेट काम नहीं कर रहे, जिससे जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है।

सांपला क्षेत्र में लगातार बरसात के कारण सड़कों पर पानी भर गया है। वार्ड 8 में जोहड़ का पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में जा रहा है, जिससे आसपास की कई गलियां पानी में डूबी हुई हैं और लोगों को परेशानी हो रही है।

प्रशासन के अनुसार खेतों से पानी निकालने के लिए 48 स्थायी पंप हाउस स्थापित किए गए है, जिनमें 165 पंप लगाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है। लेकिन थोड़ी सी बरसात के कारण ही खेतों में पानी भर रहा है। ऐसे में खेतों के अंदर जलभराव की समस्या बनी हुई है।

महम चौबीसी स्थित खरकड़ा गांव में तालाब से ओवरफ्लो होकर पानी गलियों में भर गया है। इससे ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने सरपंच से समस्या का समाधान करने की मांग की थी। लेकिन सरपंच ने बजट न होने का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए।

गांव खरकड़ा राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का पैतृक गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई भी राजनेता गांव की समस्या का समाधान करने नहीं आया। महिलाएं और पुरुष एकत्रित होकर समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण एसडीएम मुकुंद तंवर से मिलकर अपनी समस्या बताएंगे।

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