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रोहतक में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश:1 आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार, 5 महीने में 10वीं FIR

रोहतक स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने पश्चिमी दिल्ली के बक्करवाला में छापेमारी कर भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपियों के खिलाफ मुंडका थाने में मामला दर्ज कराया है। रोहतक के सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बहादुरगढ़ व नजफगढ़ दिल्ली के पास एक गिरोह द्वारा रोहतक की गर्भवती महिलाओं का भ्रूण लिंग जांच किया जा रहा है।

सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी ने छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने छापेमारी कर भ्रूण लिंग जांच के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

हेल्थ विभाग की रेड मारने वाली टीम में डॉ. विश्वजीत राठी जिला नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी रोहतक, डॉ. विशाल चौधरी चिकित्सा अधिकारी पीएचसी हस्सनगढ़ रोहतक तथा डॉ. मोहित गिल चिकित्सा अधिकारी पीएचसी निंदाना को शामिल किया गया

सीएमओ डॉ. रमेश ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले दलाल से संपर्क किया गया तो दलाल ने डिकॉय गर्भवती महिला को नजफगढ़ बुलाया। नजफगढ़ पहुंचने पर दलाल से संपर्क करने पर वह गर्भवती महिला से मिलने आया और कुछ देर इंतजार करने को कहा। रेड टीम लगातार छुप कर पीछा कर रही थी। आगे से सिग्नल मिलते ही दलाल गर्भवती महिला के साथ कुछ दूर बक्करवाला गांव से पहले नाले वाले पुल पर लेकर गया।

डॉ. रमेश ने बताया कि पुल पर दूसरा दलाल स्कूटी से आया और महिला को स्कूटी पर बैठाकर लगभग एक किलोमीटर दूर गांव बक्करवाला के एक घर में ले गया, जहां एक महिला द्वारा गैरकानूनी तरीके से डिकॉय महिला की भ्रूण लिंग जांच कर उसको लड़का बताया।

भ्रूण लिंग जांच करने वाली महिला पहले भी इसी मामले में पकड़ी जा चुकी है। मुंडका थाने में मामले को लेकर केस दर्ज करवाया गया। टीम ने मुख्य दलाल गौरव गोयल को मौके पर पकड़ लिया, जबकि बाकी लोग अभी फरार हैं।

डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए हेल्थ विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसके चलते पिछले 5 महीने में पीसीपीएनडीटी एवं एमटीपी एक्ट के तहत 10वीं एफआईआर दर्ज करवाई गई। अप्रैल के महीने की चौथी एफआईआर है। भ्रूण लिंग जांच या भ्रूण हत्या में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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