श्री गुरुनानक देव जी का तीन दिवसीय प्रकाशोत्सव बुधवार सुबह नगर कीर्तन के साथ प्रारंभ हो गया। शहर में पहले दिन गुरुद्वारा रंजीतनगर से मोतीझील तक गुरुग्रंथ साहिब की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन में निकाला। सिख युवाओं ने गतका में कला कौशल का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध किया तो पूरे रास्ते संगत ने शबद कीर्तन से निहाल किया। नगर कीर्तन का जगह-जगह स्वागत किया गया।
सभी प्रमुख गुरुद्वारों से प्रभात फेरियां निकाली गईं, जो रंजीत नगर गुरुद्वारा में एकत्र हुईं। यहां से नगर कीर्तन की शुरुआत हुई और कीर्तन जत्था पंच प्यारों की अगुवाई में मोतीझील पहुंचा। नगर कीर्तन मरियमपुर स्कूल, हरबंश सिंह भल्ला चौक, कबाड़ी बाजार, संत नगर, गुरु गोविंद सिंह चौक, 80 फीट रोड, अशोक नगर, अमर जवान ज्योति चौक से गुजरा। रास्ते में सिख युवाओं ने गतका से लोगों को चकित किया, वहीं कीर्तन से संगत ने निहाल किया।
गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मोतीझील में 17 से 19 नवंबर तक मनाया जाएगा। प्रभात फेरियों के मोतीझील पहुंचते मुखिया को सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह 19 नवंबर को होगा। इस दौरान गुरु का लंगर भी होगा। प्रकाशोत्सव को लेकर गुरुद्वारों को रंग-बिरंगी रोशनी व झालरों से सजाया गया है। मोतीझील में भव्य पंडाल बनाया गया है।
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर मोतीझील में ढाई लाख संगत लंगर छकेगी। लंगर की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रोटियां तैयार करने के लिए पांडुनगर, गोविदनगर, किदवई नगर सहित कई स्थानों पर 14 सेंटर बनाए गए हैं। मोतीझील में भी बुधवार को शाम से लंगर की तैयारी शुरू हो जाएगी।
मोतीझील में होने वाले लंगर की व्यवस्था देख रहे मंजीत सिंह सागरी ने बताया कि रोटियों के लिए ढाई टन आटा प्रयोग किया जाएगा। प्रसाद के लिए 25 टन देसी घी का हलवा बनेगा। 80 बोरी आलू व गोभी की सब्जी तैयार की जाएगी। मोतीझील में रोटियों के लिए 25 तंदूर लगाए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर बनाए गए सेंटरों से भी रोटियां तैयार होकर आएंगी।
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर सरदार गुरशरण सिंह लुधियाना वाले, सतनाम सिंह जवांदी हजूरी रागी दरबार साहिब, जसविदर सिंह, दिलबाग सिंह कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे।

