हरियाणा के फरीदाबाद में 19 साल की BCA छात्रा ने बाहर जाकर कोचिंग करने की अपनी जिद पूरी कराने के लिए खुद पर हमले की झूठी कहानी रच दी। छात्रा ने परिवार को यकीन दिलाने के लिए बताया कि एक नकाबपोश युवक घर में घुसा और उस पर हमला कर फरार हो गया। कुछ समय के लिए परिवार से लेकर पुलिस तक इस कहानी में उलझी रही।
छात्रा ने कथित तौर पर खुद ही गले और माथे पर ब्लेड से चोटें लगाईं और फिर परिवार को नकाबपोश युवक के हमले की बात बताई। चोटें देखकर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कथित हमलावर की तलाश में जुट गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सामने आए तथ्यों से पुलिस को छात्रा के बयान पर संदेह हुआ। इसके बाद पूछताछ और जांच में हमले की कहानी झूठी होने की बात सामने आई।
पुलिस अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
ओडिशा की रहने वाली है छात्रा, तीन महीने पहले पढ़ाई के लिए आई थी फरीदाबाद
बुढ़ैना गांव में रहने वाली 19 वर्षीय काजल मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली है। वह एक निजी कॉलेज में BCA थर्ड ईयर की छात्रा है। करीब तीन महीने पहले ही पढ़ाई के लिए फरीदाबाद आई थी। यहां वह अपने पिता राजकिशोर के साथ रह रही थी। उसके पिता चिकन की दुकान पर काम करते हैं।
पिता को बताई नकाबपोश युवक के हमले की कहानी
5 अक्टूबर को काजल ने परिवार को बताया कि वह घर में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक घर में घुस आया। छात्रा के मुताबिक, युवक ने ब्लेड से उसके गले और माथे पर वार किया और इसके बाद मौके से फरार हो गया।
घायल हालत में छात्रा ने अपने पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पिता उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज कराया गया। उपचार के बाद उसे उसकी बुआ के घर छोड़ दिया गया।
CCTV फुटेज में नहीं दिखा कोई संदिग्ध
मामले की सूचना मिलने के बाद खेड़ीपुल थाना पुलिस ने छात्रा के बताए समय और घटनाक्रम के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जिस समय छात्रा ने युवक के घर में घुसने की बात बताई थी, उस दौरान CCTV फुटेज में कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया।
इसके बाद पुलिस ने छात्रा के बयान और CCTV फुटेज का दोबारा मिलान किया। जांच में घर में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की पुष्टि नहीं हुई।
पूछताछ में सामने आई अलग कहानी
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को छात्रा के बयान पर संदेह हुआ। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सामने आया कि छात्रा ने कथित तौर पर खुद ही ब्लेड से गले और माथे पर चोट लगाई थी। बाद में उसने इन चोटों को नकाबपोश युवक के हमले के तौर पर पेश किया।
पुलिस अब मामले में छात्रा द्वारा ऐसा कदम उठाने की वजह और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, छात्रा घर पर पढ़ाई करने के बजाय बाहर एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में जाकर पढ़ना चाहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के कारण उसे बाहर कोचिंग भेजना आसान नहीं था।
जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि छात्रा को उम्मीद थी कि घर में किसी बाहरी व्यक्ति के हमले की बात सामने आने के बाद परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर होगा और उसे बाहर कोचिंग भेजने के लिए तैयार हो जाएगा। इसी सोच के चलते उसने कथित तौर पर खुद को चोट पहुंचाई और नकाबपोश युवक के हमले की कहानी बताई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच और पूछताछ में अज्ञात युवक के घर में घुसकर हमला करने की बात गलत पाई गई। छात्रा ने खुद को चोट पहुंचाकर घटना को दूसरा रूप दिया था। पुलिस ने उसे भविष्य में इस तरह की झूठी घटना न रचने की हिदायत दी है
