रेवाड़ी के हंस नगर में हुए गैस ब्लास्ट मामले में दूसरी मौत हो गई। आर्मी से रिटायर्ड 60 वर्षीय सतबीर चौहान ने शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले उनकी बेटी तन्नु की 9 जुलाई को 90% तक झुलसने के कारण मौत हो चुकी थी। तन्नु की शादी इसी साल 25 नवंबर को तय थी और उसका मंगेतर हरियाणा पुलिस में क्लर्क है।
हादसे में घायल तन्नु की मां मधु, पड़ोसी जयभगवान और 2 वर्षीय चचेरी बहन खुशी का इलाज अभी भी सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने मधु की शिकायत पर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PNG पाइपलाइन से गैस लीक होने और टेस्टिंग के दौरान लापरवाही के कारण घर में गैस भर गई, जिससे बिजली का स्विच ऑन करते ही जोरदार धमाका हुआ।
मधु के अनुसार, 5 जुलाई को उनकी बेटी तन्नु भाई की यूनिफॉर्म प्रेस करने के लिए जैसे ही प्रेस का स्विच ऑन करने लगी, उसी समय तेज धमाका हुआ और पूरे घर में आग फैल गई। हादसे से कुछ देर पहले परिवार को घर के बाहर गैस जैसी बदबू भी महसूस हुई थी।
इस विस्फोट में तन्नु 90%, सतबीर चौहान 70%, पड़ोसी जयभगवान 60% और 2 वर्षीय खुशी 50% से अधिक झुलस गए थे। धमाका इतना भीषण था कि घर के दरवाजे, खिड़कियां और सामान क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के बाद डीएसपी सुरेंद्र श्योरण ने प्रारंभिक जांच में PNG गैस लीकेज की आशंका जताई थी। फोरेंसिक टीम और IGL के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। अंतिम कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिवार ने प्रशासन पर भी नाराजगी जताई है। परिजनों का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कोई बड़ा अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनका हालचाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि गैस लीकेज ही हादसे की वजह साबित होती है तो ऐसी पाइपलाइन को हटाया जाना चाहिए।

