रोहतक में SKM के आह्वान पर सोमवार को शुगर मिल पर धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें मुख्य रूप से गन्ने के भाव बढ़ाने की मांग रखी गई। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो जनवरी में किसान सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेता अंकुश सिवाच बड़ाली ने कहा कि सोमवार को महम शुगर मिल पर धरना दिया गया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की कि गन्ने का भाव 450 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। अन्यथा जनवरी में शुगर मिलों पर तालाबंदी की जाएगी और रोड जाम किए जाएंगे।
गन्ने के भाव बढ़ाने के लिए प्रदेभर के शुगर मिलों पर 2 घंटे का धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शुगर मिलों के बाहर किसानों व किसान यूनियनों के नेताओं ने सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना दिया। महम शुगर मिल के बाहर धरने पर अंकुश सिवाच बड़ाली, जिला परिषद अमित रांगी, रोहित सिवाच, लाला बलंभा, रवि पानू, मोहित खरकड़ा, सूरज, मोनू सिवाच, अजमेर फौजी, सविता, रामफल, राजा व बहादुर आदि बैठे।
उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे धरना प्रदर्शन में शामिल हों ताकि सरकार तक गन्ने के भाव बढ़ाने की मांग पहुंचाई जा सके और पूरी करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द गन्ने के भाव में बढ़ोतरी नहीं की तो जनवरी में सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने का भाव 450 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग सरकार से की थी। लेकिन सरकार ने इसे पूरा नहीं किया। पंजाब में गन्ना का रेट 380 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि हरियाणा में केवल 362 रुपए। मशीन से कटाए गन्ने पर लगने वाली काट सरकार ने बढ़ाकर 7 फीसदी कर दी है। जबकि पंजाब में यह केवल 3 फीसदी और महाराष्ट्र में 4.5 फीसदी है।
गन्ना उत्पादक किसानों की गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। गुरनाम सिंह चढूनी भी गन्ने के भाव बढ़ने की मांग पूरी नहीं होने पर जनवरी में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दे चुके हैं।

