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हरियाणा सरकार की नई मुआवजा पॉलिसी के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, 29 अप्रैल के संशोधन पर जताया रोष

बता दे की हाइटेंशन लाइन के विरुद्ध लगभग दो साल तक भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के तत्वावधान में संघर्षरत आंदोलन के चलते भारत सरकार द्वारा एक मुआवजा पालिसी दिनांक 21 मार्च 2025 पारित की गई जिसको हरियाणा सरकार द्वारा जैसे के तैसे दिनांक 2 जून 2025 को लागू कर दिया गया
तत्पश्चात काफ़ी जिलों में पालिसी के अनुसार मार्केट रेट मुआवजा निर्धारित भी किया जा चुका है किसानों के खेतों से गुजरने वालीं बिजली की हाईटेंशन लाइनों से किसानों के खेतों की कीमत में होने वाले नुकसान की आर्थिक नुकसान की भरपाई हो रही थी लेकिन पावर ग्रिड मैनेजमेंट ने अपनी चतुराई से इसमें एक 29 अप्रैल 2026 को संशोधन कराया है
10 महीने बीत जाने पश्चात हरियाणा सरकार द्वारा इस पालिसी में एक बहुत बड़ा किसान विरोधी संशोधन किया गया है जिससे किसान को उसकी ज़मीन का वास्तविक मूल्य निर्धारण से वंचित रखा जा रहा है
इस संशोधन के अनुसार लॉटरी के माध्यम से मार्केट रेट निर्धारण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी जिससे किसानो में काफ़ी रोष देखने को मिल रहा हैं

जिला __के पीड़ित किसानो का कहना है कि उनकी ज़मीन का वास्तविक मूल्य किसी लॉटरी सिस्टम के माध्यम से तय नहीं होगा हरियाणा सरकार इस लॉटरी सिस्टम प्रणाली को वापसी लें अन्यथा जल्द ही प्रदेशस्तरीय आंदोलन की शुरुआत करेंगे और प्रदेश से गुजर रही सभी हाइटेंशन लाइन का काम रोकने का काम करेंगे
हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों के द्वारा शान्तिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन होगा
जिला उपायुक्तो के माध्यम से ज्ञापन देकर हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार को मुआवजा पालिसी के नए संशोधन से किसानों के वास्तविक मार्केट मूल्य तय होने मे आ रही समस्याओं से अवगत कराया जाएगा
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने कहा हरियाणा और केंद्र सरकार ने किसानों को 2024 और 2025 में एतिहासिक मुआवजा पॉलिसी बनाकर लागू की जिससे बहुत जिलों में किसानों को उनके वास्तविक मार्केट मूल्य से मुआवजा राशि का वितरण हो रहा है जिसके लिए हम सरकार के किसान सरकार का आभारी है
ये नए प्रावधान किसानों के मार्केट रेट कमेटी मे किसान के पक्ष को कमजोर कर रहे और प्रशासन को ज्यादा मजबूत कर किसानों को उनके वास्तविक मार्केट मूल्य से आधी कीमत से भी कम राशि पर मुआवजा तय कराने का प्रयास चल रहा हैं इसलिए बिजली की हाई टेंशन लाइनों से पीड़ित एक दिन का सरकार तक अपनी परेशानी से अवगत कराने हेतु ये रोष प्रदर्शन होगा

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