हरियाणा के हिसार में पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। किसान खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के किसानों के पास जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने रोक लिया। जिसके बाद लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। यह देख किसानों ने पथराव कर दिया। जिसमें थाना नारनौंद के एसएचओ चंद्रभान घायल हो गए।
वहीं हरियाणा पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई का फैसला वापस ले लिया है। अंबाला रेंज के IG सिबाश कबिराज ने शुक्रवार 23 फरवरी को यह जानकारी दी। इससे पहले, गुरुवार को अंबाला पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी किसान नेताओं से की जाएगी। इसके लिए उनकी संपत्ति कुर्क और बैंक खाते सीज किए जाएंगे।
इधर पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर 21 साल के शुभकरण की मौत के विरोध में किसान शुक्रवार को देशभर में ब्लैक डे मना रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को साढ़े 4 घंटे चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। इसमें 100 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। 26 को देशभर में ट्रैक्टर मार्च और 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत करने पर सहमति जताई।
किसान आंदोलन का आज 11वां दिन है। किसान-मजदूर मोर्चा (KMM) दिल्ली कूच पर आज फैसला लेंगे।। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर युवक शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने दिल्ली मार्च को रोक दिया था।
गुरुवार को किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने एक तस्वीर जारी कर कहा- ‘खनौरी बॉर्डर पर सीधी फायरिंग की गई है। पंजाब सरकार हत्या का केस दर्ज करे।’ किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने शुभकरण को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
किसानों और पुलिस के टकराव के बाद SP मकसूद अहमद मौके पर पहुंचे हैं।
दोनों तरफ से तनाव की स्थिति है। एसडीएम प्रवीण कुमार को भी मौके पर बुलाया गया है।
नारनौंद के एसएचओ चंद्रभान के अलावा DSP रविंद्र सांगवान और DSP राज सिंह भी घायल हुए हैं। कई किसानों को भी चोटें लगी हैं।
हिसार में खनौरी बॉर्डर जाने को लेकर पुलिस और किसानों में टकराव हुआ। किसान सभा के जिला प्रधान शमशेर नंबरदार ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। उनके ऊपर आंसू गैस छोड़ी गई। उनके ट्रैक्टरों के टायरों में कीले ठोकी गई हैं। इस दौरान 16 किसान घायल हुए हैं। इस दौरान 30 किसान हिरासत में लिए गए हैं।

