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किसान आंदोलन खत्म- सिंघु टिकरी बॉर्डर से रवानगी आज: रातभर चला टेंट और झोपड़ियों का सामान समेटने का काम

किसानों की सिंघु और टिकरी बॉर्डर से आज शुक्रवार को रवानगी होगी। एक साल 15 दिन चला किसानों का आंदोलन समाप्त हो चुका है। संभवता 11 बजे बाद पंजाब के किसान ट्रैक्टर और सामान के साथ रवाना होंगे। इससे पहले आंदोलन स्थल पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जाएगी। गुरुवार को रातभर सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर किसान अपना सामान समेटने में लगे रहे।हालांकि काफी बड़ा एरिया अब खाली हो चुका है, लेकिन हाईवे को पूरी तरह चालू होने में अभी कुछ वक्त और भी लग सकता है। हालांकि 11 दिसंबर को रवानगी की बात हुई थी, लेकिन किसान नेता रलदू सिंह ने बताया कि लीडरशिप कल रवाना होगी और तीनों बॉर्डर से कुछ किसान आज रवाना होंगे।

बता दें कि गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की थी। किसान और केन्द्र सरकार के बीच कई दिनों तक चली बातचीत के बाद दोनों ही पक्षों में सहमति बनी और फिर घर वापसी का रास्ता तय हुआ। पंजाब के किसान तो 3 नए कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही घर जाने को तैयार थे, लेकिन हरियाणा के किसान एमएसपी पर कानून बनाने और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए थे। आखिर में इन दोनों ही मुद्दों पर सहमति बनने के बाद शुक्रवार को पंजाब ही नहीं, हरियाणा और अन्य राज्यों के किसान भी घर वापसी करेंगे।

सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन की शुरुआत 26 नवंबर 2020 को हुई थी। उसके बाद किसानों ने एक साल तक दोनों ही बॉर्डर को अपना घर बनाए रखा। इनमें बहुत से किसान ऐसे हैं, जो आंदोलन के पहले दिन से ही यहां डटे रहे। एक दिन भी घर नहीं गए। ऐसे किसानों का मंच से गुरुवार को सम्मान भी किया गया।वहीं दोनों ही बॉर्डर पर बड़ा मंच बनाने के साथ ही सभा के लिए पंडाल भी बनाया गया था, जिस पर रोजाना सभा होती थी। गुरुवार को यहां आखिरी सभा हुई। आज कोई सभा नहीं होगी। किसान अपना सामान समेटने में लगे हैं और जैसे ही जत्थे तैयार होंगे, वे घरों की ओर कूच करेंगे।

किसानों की घर वापसी करने की घोषणा के बाद हरियाणा पुलिस ने भी पुख्ता तैयारी कर ली है। खासकर पंजाब की तरफ जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि हाईवे पर किसी तरह की परेशानी नहीं हो।बताया जा रहा है कि किसान लंबे काफिले के साथ नाचते-गाते हुए पंजाब पहुंचेंगे। टिकरी बॉर्डर से पंजाब की तरफ जाने वाले किसानों का बोहा मंडी में ठहराव होगा। उसके बाद वह अपने-अपने जिलों की ओर रवाना होंगे। किसानों के काफिले के साथ एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत राहत दी जा सके।

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