मंगलवार की सुबह किसानों के लिए राहत भरी रही। सुबह से धूप खिलने की वजह से किसानों ने काफी राहत महसूस की। सुबह-सुबह किसान मंडियों में पहुंच गए और फसलों को देखना शुरू किया। इसके बाद जिसे जहां पर भी जगह मिली फसलों से तिरपाल हटाकर और धान के कट्टों को खोलकर किसान और आढ़ती सुखाते नजर आए।आढ़तियों का कहना है कि अगर एक दो दिन कायदे से धूप हो जाएगी फसलें पूरी तरह से सूख जाएंगी।
सोनीपत अनाज मंडी में मंगलवार तक पीआर किस्म की करीब 16 हजार 110 क्विंटल धान की आवक हुई है। वहीं बासमती किस्म की करीब एक लाख 55 हजार क्विंटल धान आया है। जिसे आढ़तियों द्वारा मिलर के लिए खरीदा जा रहा है।मिलर द्वारा खरीद के आधार पर लिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है। नई अनाज मंडी में धान की आवक दो दिनों से थोड़ी कम हो गई है। रविवार को ज्यादा माल आया था। जिसके बाद सोमवार और मंगलवार को कम आवक हुई। क्योंकि लगातार बरसात होने की वजह कटाई का कार्य नहीं हो पा रहा है।
फसलों में नमी और खेतों में पानी होने की बात की जा रही है। इससे कंबाइन खेतों में जाने पर धंसने का डर है। जिसकी वजह से किसानों ने फिलहाल कटाई का कार्य रोक दिया है। हालांकि कुछ किसान जिनकी फसलों में पानी नहीं है, वह कटाई कर भी रहे हैं। मंडी में करीब सात हजार क्विंटल धान खरीद के बाद और बगैर खरीद के पड़ा है। जिसका उठान आढ़तियों द्वारा किया जा रहा है।
उम्मीद है कि बुधवार को अगर धूप खिलेगी तो फसल सूख जाएगी। जिसके बाद बोली भी लग जाएगी। वहीं कुछ आढ़ती भी खरीदी गई फसल को बोरियों से पलटकर सुखाने का प्रयास करते रहे।

