ऐलनाबाद उपचुनाव में वोटिंग के लिए तीन दिन रह गए हैं। ऐसे में सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। इसी बीच ऐलनाबाद के चौपटा में किसान मजदूर व्यापारी महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बयान देकर चुनावी माहौल को और भी गर्म कर दिया। उन्होंने बिना नाम लिए इंडियन नेशनल लोकदल के उम्मीदवार अभय सिंह चौटाला, जिनके इस्तीफा देने पर यह सीट खाली हुई थी, को वोट देने की अपील की।
राकेश टिकैत ने कहा कि ऐलनाबाद का ये इलाका पंचायती है। 6 महीने पहले एक आदमी यहां पंचायत में झोला रखकर गया था, अब उसका झोला वापस कर दो। उन्होंने कहा कि उसका जो सामान था उसे कुछ बढ़ाकर वापस दे दो। इसमें टिकैत ने इशारों-इशारों में ऐलनाबाद से इनेलो कैंडिडेट अभय चौटाला को वोट डालने का संकेत दे दिया। उन्होंने कहा, ‘भाई यह एक पंचायत है। पंचायत में कोई जब आकर अपना झोला यह कहते हुए रख जाता है कि इसका ध्यान रखना तो पंचायत उसका ख्याल रखती है। जब वही आदमी 2 या 3 साल बाद आकर अपना झोला वापस मांगता है तो पंचायत उसका सामान उसे लौटा देती है। आप भी ऐसा करने वाले आदमी को उसका झोला सवाया करके लौटा दो।’ टिकैत के इतना कहते ही भीड़ ने तालियां बजाकर इसका समर्थन किया।
हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा कि इन्हें दिमागी बुखार है और यह 3 साल में ठीक हो जाएगा। इनको थोड़ी-थोड़ी दवाई देते जाओ। इस दवाई से ही इनका इलाज हो जाएगा। अगले साल यूपी के चुनाव में भी लोग भाजपा वालों को यह दवाई जरूर देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए टिकैत ने कहा कि यह पूंजीपतियों की सरकार है और इसे अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपति चला रहे हैं।
किसान-मजदूर व्यापारी सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने मंच से किसी के पक्ष में वोट देने की अपील नहीं की और यहां वोट मांगने नहीं आए।वोट किसे देना है, जनता समझदार है।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर हिंसा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का बेटा शामिल है। जब तक अजय मिश्रा केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा नहीं देते, तब तक संयुक्त किसान मोर्चा उसकी बर्खास्तगी की मांग करता रहेगा और अपना विरोध जताता रहेगा। टिकैत ने कहा कि अजय मिश्रा किसी समय तस्करी किया करता था इसलिए उसकी दबंगई और गुंडागर्दी के कारण कोई गवाही नहीं देता।

