दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाईवे से जुड़ा नया एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट अब शुरू होने के बेहद करीब पहुंच गया है। यह कॉरिडोर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। करीब 60 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का लगभग 97 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी परियोजना का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के बाद एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तारीख तय होने की संभावना है।
परियोजना का काम जून तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद फरीदाबाद, दिल्ली, नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम और पलवल के बीच सफर तेज और आसान हो जाएगा।
एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक दबाव कम करने और तेज कनेक्टिविटी देने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह दिल्ली के महारानी बाग स्थित DND फ्लाईओवर से शुरू होगा। इसके बाद यह कालिंदी कुंज, जैतपुर-मिठापुर रोड और फरीदाबाद बाइपास के रास्ते सेक्टर-37, सेक्टर-65, बीपीटीपी, पल्ला, खेड़ीपुल और बल्लभगढ़ क्षेत्र को कवर करते हुए आगे बढ़ेगा।
इसके बाद यह नूंह जिले के खलीलपुर के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसी कॉरिडोर के जरिए वाहन चालक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जेवर-बल्लभगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और आगे जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। सोहना के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का मुख्य हिस्सा मई 2023 में शुरू हो चुका है।
डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे का अहम इंटरचेंज कैल गांव के पास बनाया गया है, जहां इसका कनेक्शन दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाइपास से होगा। वहीं सेक्टर-65 के पास से जेवर-बल्लभगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का लिंक निकलेगा, जिससे सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकेगा।
फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले लोगों को अभी कालिंदी कुंज, बदरपुर बॉर्डर और आश्रम जैसे भीड़भाड़ वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। कई जगह रेड लाइट और लंबे जाम के कारण आधे घंटे का सफर डेढ़ घंटे तक पहुंच जाता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यही सफर करीब 20 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। लोग बिना जाम में फंसे सीधे सराय काले खां और आश्रम तक पहुंच सकेंगे। यहां से नमो भारत कॉरिडोर के जरिए मेरठ जाना भी आसान हो जाएगा। इस कॉरिडोर को 2023-24 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
फिलहाल जैतपुर से फरीदाबाद की ओर एक्सप्रेसवे का हिस्सा चालू है और यहां वाहन चल रहे हैं। हालांकि जैतपुर से कालिंदी कुंज की ओर कुछ हिस्सों में अभी निर्माण कार्य जारी है। यह हिस्सा पूरा होने के बाद फरीदाबाद और पलवल के लोगों को नोएडा पहुंचने के लिए नया और तेज रास्ता मिल जाएगा।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे निरीक्षण शुरू होगा। सबसे पहले महारानी बाग से जैतपुर-पुश्ता रोड तक बने छह लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद जैतपुर-पुश्ता रोड से फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाइपास तक बने हिस्से का निरीक्षण होगा। साथ ही सेक्टर-62/65 डिवाइडिंग रोड और एनएच-19 के पास बदरपुर बॉर्डर से जुड़ने वाले स्पर रोड की प्रगति भी देखी जाएगी।
NHAI अधिकारियों के अनुसार दिल्ली क्षेत्र में अधिकतर निर्माण पूरा हो चुका है। फिलहाल सड़क सुरक्षा, साइन बोर्ड, लाइटिंग और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है।
