उच्चर शिक्षा विभाग ने स्नातक संकायों में दाखिले के लिए एक अगस्त से ऑनलाइन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। दाखिले के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य किया गया है। फैमिली आईडी के आधार पर ही विद्यार्थियों को लाभ दिए जाएंगे। लेकिन फैमिली आईडी ही विद्यार्थियों के दाखिले में बाधा बनी हुई है। कुछ ऐसा ही रोहतक की गोपालपुरा नंद कॉलोनी निवासी अनू के साथ हुआ है। अनू का कहना है कि उसके परिवार में कुल पांच लोग (माता-पिता, बड़ी बहन व छोटा सहित खुद) हैं। परिवार में केवल पिता ही कमाने वाले हैं और फेरी लगाकर घर का खर्च चलाते हैं। अब उसे 12वीं पास करने के बाद बीए में दाखिला लेना है। अब उसकी फैमिली आईडी में कुल तीन लाख रुपये आय दर्शाई गई है। जबकि वह इनकम सर्टिफिकेट बनाने गई तो वहां पर 5 लाख रुपये आय दिखाई गई। वह SC श्रेणी से है। आय अधिक दिखाने के कारण वह SC श्रेणी के लाभ लेते हुए दाखिले के लिए आवेदन नहीं कर सकता। अनू ने कहा कि अगर उसकी आय ठीक नहीं हुई तो उसे काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। एक तो उसे छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। दूसरा SC श्रेणी में शामिल ना करके सामान्य श्रेणी की तरह करीब तीन गुना तक अधिक फीस भी अदा करनी होगी। ऐसे में वह पिछले करीब डेढ़ माह से अधिकारियो के चक्कर काट रही है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पहले उन्होंने सीएससी सेंटर पर शिकायत दी। वहां से कोई समाधान नहीं हुआ तो सीएम विंडो में भी शिकायत दी।
अनू ने कहा कि उसका छोटा भाई अक्षय 11वीं में पढ़ता है और बड़ी बहन लवली आठवीं पढ़ाई करके छोड़ चुकी है। उनकी मां राधा गृहणी हैं और पिता फेरी लगाते हैं। वे तीनों बहन-भाई विद्यार्थी की श्रेणी में व मां गृहणी होते हुए भी फैमिली आईडी में सभी की 60-60 हजार रुपये आय दिखाई गई है। जबकि उसके पिता के अलावा कोई कमाई नहीं करता।
स्नातक संकायों में दाखिले के लिए 8 अगस्त तक का समय दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों के पास चार दिन का समय शेष बचा हुआ है। अनू ने कहा कि अगर फैमिली आईडी ठीक नहीं हुई तो उसका दाखिला भी नहीं हो पाएगा।

