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बहू की प्रताड़ना से तंग परिवार ने किया सुसाइड:सोनीपत पुलिस ने 7 नामजद आरोपियों में से किसी को नहीं पकड़ा

हरियाणा के सोनीपत में बहू की प्रताड़ना से परेशान होकर एक ही परिवार के 3 लोगों के सुसाइड करने से जुड़े केस में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। 30 सितंबर को सोनीपत की महावीर कॉलोनी में हुई इस घटना में 7 नामजद आरोपी हैं। घटना को 9 दिन बीत चुके हैं और सिविल लाइन थाना पुलिस एक ही जवाब पर अटकी है कि आरोपी फरार हैं।पुलिस अफसरों के रवैये से परेशान पीड़ित परिवार की मदद के लिए शुक्रवार को दिल्ली से स्वयंसेवी संस्था पुरुष अधिकार आयोग के सदस्य सोनीपत पहुंचे और 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। आयोग ने सिविल लाइन थाना प्रभारी से मिलकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

सोनीपत की महावीर कॉलोनी में रहने वाले दिनेश कुमार की बेटी नेहा के अनुसार, उसके भाई अंकित की शादी डॉली नामक लड़की से हुई थी। 29 सितंबर को डॉली ने अपने पति अंकित, ससुर दिनेश और सास ब्रिजेश देवी के खिलाफ थाने में दहेज उत्पीड़न की शिकायत दी।

डॉली ने आरोप लगाया कि ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाता है। शिकायत के बाद पुलिस ने उसी दिन अंकित और उसके माता-पिता को थाने बुला लिया। उस समय डॉली का भाई और उसके मायकेवाले थाने में थे। आरोप है कि डॉली के मायके वालों ने थाने में ही पुलिस के सामने अंकित और उसके माता-पिता से बदतमीजी की। नौबत मारपीट तक पहुंच गई।

थाने में खुद के साथ हुए व्यवहार से आहत होकर अंकित और उसके माता-पिता ने 30 सितंबर की सुबह घर के अंदर जहर खा लिया। उन्हें सोनीपत अस्पताल ले जाया गया जहां तीनों की मौत हो गई।

सड़क पर प्रदर्शन, एसपी नहीं मिले तो एसएचओ को सौंपा ज्ञापन पुरुष अधिकार आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहन के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया से मिली। इसके बाद उन्होंने परिवार में इकलौती बची नेहा से संपर्क किया। शुक्रवार को वह अपनी टीम मेंबरों कपिल, सुधांशु, राजेश, केडी झा, दीपिका, माधव और अन्य के साथ सुबह साढ़े 11 बजे सोनीपत में नेहा के पास पहुंची। वह लोग नेहा को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां 3 बजे तक पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

बरखा के अनुसार, वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सोनीपत के डीसी और एसपी से मिलना चाहती थीं मगर दोनों ही अधिकारी अपने दफ्तरों में मौजूद नहीं थे। ऐसे में वह सिविल लाइन थाने पहुंचे और वहां एसएचओ नीरज से मिलकर ज्ञापन सौंपा। एसएचओ नीरज ने आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। बरखा ने कहा कि अगर पुलिस ने जल्दी कार्रवाई नहीं की तो वह दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

बरखा त्रेहान सोशल एक्टिविस्ट हैं और 10 साल से पुरुष अधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं। बरखा कहती हैं कि रेप और यौन शोषण जैसे मामलों में लैंगिक समानता को नजरअंदाज किया जाता है और पुरुषों पर आरोप लगते ही उन्हें दोषी मान लिया जाता है।

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