उप अधीक्षक मुख्यालय डॉक्टर रविन्द्र सिंह ने बताया कि दिनांक 20.04.2023 को गाँव हमीरपुर हाल नेहरू कॉलोनी रोहतक निवासी इमरान पुत्र मोहम्मद ने थाना शहर रोहतक में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर थाना शहर मे धारा 379ए/34 भा.द.स के तहत अभियोग संख्या 295/2023 अंकित कर जाँच शुरू की गई। जाँच में सामने आया कि इमरान कूलर की घास बेचने का काम करता है। इमरान की शिकायत के अनुसार इमरान दिनांक 20.04.2023 को दोपहर करीब 1.10 बजे अपने भाई अतिक के खाते में 2 लाख 20 हज़ार रुपये पंजाब नेशनल बैंक में जमा करवाने के लिए जा रहा था। माता दरवाज़ा के पास स्थित पी.एन.बी. बैंक में रुपये जमा नहीं हुए। उसके बाद इमरान झज्जर रोड पर स्थित पीनएबी बैंक में गया। पैन कार्ड नम्बर अकाउंट से लिंक न होने पर वहाँ पर भी रुपये जमा नहीं हुए। जब इमरान वापिस आ रहा था तो कच्चा बेरी रोड होते हुए पुराना बस स्टैण्ड के पास पहुंचा जंहा पर स्कूटी पर दो नौजवान लड़के आए जिन्होंने इमरान के गर्दन और हाथों पर ब्लेड मारा और उसका बैग छीन कर ले गए। जिसमें इमरान की शिकायत अनुसार 2 लाख 20 हजार रुपये थे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना शहर रोहतक की टीम द्वारा मामले की गहनता से जाँच की गई। दौरान जांच सामने आया है कि इमरान कूलर की घास बेचने का काम करता है जिससे क़रीब 1 लाख 20 हज़ार रुपये की कमाई हुई। जो इमरान मैच बुक में हार गया। इमरान अपने भाई के कहने पर सुनील निवासी सुनरिया के पास से एक लाख रुपये उधार लेकर आया। दिनांक 20.04.2023 को एक लाख रुपये पीएनबी बैंक में जमा करवाने के लिए बैंक मे गया। बैंक मे पैसे ज़मा न होने के कारण इमरान ने पैसे को अशोक प्लाज़ा पर स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जाकर मशीन के माध्यम से पैसे जमा करवाए। पैसे जमा करते समय मशीन मे फस गए। बैंक स्टाफ ने इमरान को बताया कि उसके फसे हुए पैसे खाते में दो तीन दिन में वापस आ जाएंगे। इमरान जब वापस घर आने लगा तो उसने स्कूटी रोक कर एक खंडर कमरे में अपने ऊपर गर्दन और हाथों पर ब्लेड से वार किए जिसके पश्चात वह अस्पताल में दाख़िल होने चला गया। जहाँ पर पुलिस को इमरान ने झूठी सूचना दी कि दो युवको ने 2 लाख 20 हज़ार रुपये की स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया है। इमरान नहीं चाहता था कि 1 लाख 20 हज़ार रुपये की उसकी कमाई मैच में हारने के बारे मे उसकी पत्नी को पता चलें।
शिकायत कर्ता ने झूठी सूचना देने की बात क़बूल की। स्नैचिंग की सूचना झूठी होने पर मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट लिखी गई। झूठी सूचना देने के आरोप में शिकायतकर्ता रमेश के ख़िलाफ़ ख़िलाफ़ 182 भा.द.स के तहत कार्रवाई की गई है।

