हीट वेव के बीच घरौंडा में आयोजित शिव महापुराण कथा में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चिलचिलाती धूप भी श्रद्धालुओं को रोक नहीं सकी। कल दोपहर तक जहां हजारों के पहुंचने की उम्मीद थी, वहीं बाद में लाखों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंच गए। वहीं आज कथा के दूसरे दिन भी भीषण गर्मी, तपती जमीन और सीमित व्यवस्थाओं के बावजूद श्रद्धालु कथा सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए है।
कल भीड़ इतनी ज्यादा रही कि पंडाल छोटा पड़ गया और लोगों को चिलचिलाती धूप में हिट वेव के बीच कथा सुननी पड़ी और वह सही आवाज के अभाव में। तपती धूप में सिर्फ युवा और महिलाएं नहीं बल्कि बुजुर्ग और बच्चे भी बैठे नजर आए। आज भी कथा स्थल पर कल जैसे हालात है अभी से ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। जिससे कथास्थल पर प्रबंधों को लेकर सवाल उठ रहे है।
कथा स्थल पर हालात ऐसे थे कि मंडी की प्लेटियां गर्म हो चुकी थीं, लेकिन श्रद्धालु वहीं बैठकर कथा सुनते रहे। किसी ने बरगद के पेड़ की छाया का सहारा लिया तो कोई छतरी लेकर बैठा नजर आया। बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी तेज धूप में मौजूद रहे। कई माताएं अपने बच्चों को पल्लू से ढककर गर्मी से बचाने की कोशिश करती दिखीं। पंडाल बड़ा जरूर था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे छोटा साबित हुआ।
भीड़ इतनी अधिक थी कि लगाए गए पंखे और कूलर भी गर्मी से राहत नहीं दे पाए। ऐसे में श्रद्धालुओं को हाथ से चलने वाले पंखों का सहारा लेना पड़ा। जहां जगह मिली, श्रद्धालु वहीं बैठ गए-कोई दुकानों के बरामदों में तो कोई उनके सामने प्लेटियों पर बैठा रहा। कई बरामदों में पंखे तक नहीं लगे थे, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
श्रद्धालु संजीव कुमार, मोहन, दिनेश कुमार, विकास दूबे और सरोजनी सहित अन्य लोगों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि व्यापारियों से कहकर बरामदों में पंखों की व्यवस्था करवाई जानी चाहिए थी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। घरौंडा में सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि यूपी, बिहार, पंजाब, उतराखंड, हरिद्वार, हिमाचल , मध्यप्रदेश जैसे इलाको से लोग आए हुए है। उन्होंने मांग की कि प्लेटियों पर टेंट लगवाए जाएं, जिससे छाया मिल सके और लोगों को धूप में न बैठना पड़े।
श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि कथा की आवाज सभी तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है। इसके लिए साउंड सिस्टम की आवाज बढ़ाने और जिन क्षेत्रों में आवाज नहीं पहुंच रही, वहां अतिरिक्त स्पीकर लगाने की जरूरत है। साथ ही पंडित प्रदीप मिश्रा के दर्शन सभी को हो सकें, इसके लिए बाहर की तरफ भी एलईडी स्क्रीन लगाने की मांग उठी।
भीड़ के बीच बच्चों के गुम होने की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं ने खोया-पाया केंद्र बनाने की भी मांग की, ताकि गुम हुए बच्चे आसानी से अपने परिजनों तक पहुंच सकें।
कथा में उमड़ी भारी भीड़ का असर ट्रैफिक पर भी पड़ा। घरौंडा पूरी तरह जाम हो गया और सर्विस रोड से गुजरने वाले वाहन फंस गए। लोगों ने सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर दीं, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ गई।
देर शाम विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने डीसी, एसपी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय, अग्निशमन गाड़ी, एम्बुलेंस और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे व्यवस्थाओं में सहयोग करें और अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें। उन्होंने बताया कि तिरंगा ढाबा और क्राउन सिटी के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और किसी को परेशानी न हो।
