चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही शहर के दो सरकारी अस्पतालों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा सीएचसी-22 और सीएचसी-45 में शुरू होगी। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है।
इस नई व्यवस्था के तहत मरीज शाम के समय करीब दो घंटे तक ओपीडी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। नौकरीपेशा और दिनभर व्यस्त रहने वाले लोगों को अब इलाज के लिए ऑफिस से छुट्टी लेने की जरूरत नहीं होगी। ओपीडी में परामर्श के लिए मरीजों को पर्ची बनवानी होगी, जिसके लिए निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
फिलहाल इवनिंग ओपीडी की पर्ची का शुल्क तय नहीं किया गया है। प्रशासन की योजना इस सुविधा को सप्ताह के सातों दिन संचालित करने की है। इससे 25 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर नौकरीपेशा और कामकाजी लोगों को। दिन के समय लंबी कतारों और ऑफिस से छुट्टी लेने की मजबूरी से जूझने वाले मरीज अब शाम के समय आसानी से डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे।
चंडीगढ़ प्रशासन इससे पहले सेक्टर-16 अस्पताल और मनीमाजरा में इवनिंग ओपीडी का प्रोजेक्ट चला चुका है, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। जीएमएसएच-16 मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में रोजाना करीब 3,500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इस व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।
चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि मोहाली और पंचकूला से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सुबह की ओपीडी में लंबी लाइनें लगने के कारण नौकरीपेशा लोगों को अस्पताल आने में परेशानी होती है। कई बार उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है या घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग शाम की ओपीडी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
पहले चरण में जीएमएसएच-16 के बाद सीएचसी-22 और सीएचसी-45 में इवनिंग ओपीडी शुरू करने की योजना है। इसके लिए इसी महीने करीब 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इनमें बाल रोग, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मेडिसिन, ईएनटी, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा के विशेषज्ञ शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
