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90 घंटे, तीन बैठकों के बाद भी नहीं हुई बीएसएफ जवान की रिहाई, गलती से कर गया था सीमापार

भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक चौंकाने वाली घटना में, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूरनम कुमार शॉ बीते 90 घंटे से पाकिस्तान रेंजर्स की हिरासत में हैं. शॉ गलती से पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे. तीन दौर की फ्लैग मीटिंग के बावजूद पाकिस्तान अब तक जवान को वापस करने को तैयार नहीं हुआ है.

पूरनम कुमार शॉ, जो बीएसएफ की 182वीं बटालियन से जुड़े हैं, बुधवार को सीमा पर ड्यूटी के दौरान छांव की तलाश में आगे बढ़े और अनजाने में पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए. उस समय वे यूनिफॉर्म में थे और उनके पास सर्विस राइफल भी थी. अधिकारियों के अनुसार, उनकी सीमा पार करने में कोई भी दुर्भावनापूर्ण मंशा नहीं थी.

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि पूरनम कुमार शॉ सीमा के पास किसानों की सहायता के लिए एक रूटीन ऑपरेशन के दौरान तैनात थे. इस बीच वे एक छायादार स्थान की ओर बढ़ते हुए अनजाने में पाकिस्तान की सीमा में चले गए. पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

बीएसएफ ने जवान की वापसी के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए. अब तक बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच तीन दौर की फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन पाकिस्तान ने शॉ के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया है और उन्हें अब तक भारत को नहीं सौंपा गया है.  

इस घटना के बाद बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है. किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. जवान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं.  

बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स से एक और फील्ड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग का अनुरोध किया है. अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह बैठक जल्द ही होगी और उसमें जवान की रिहाई को लेकर कोई समाधान निकलेगा.  

बीएसएफ के महानिदेशक (DG) दलजीत चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी केंद्रीय गृह सचिव को दी है. साथ ही उन्होंने जवान की सुरक्षित वापसी के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है.  

पूरनम कुमार शॉ के परिवार वाले, जो पश्चिम बंगाल में रहते हैं, इस खबर से बेहद चिंतित हैं. उनके पिता ने सरकार से अपील की है कि उनके बेटे की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा, “हमें अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है. हम सरकार से निवेदन करते हैं कि उसे जल्द भारत वापस लाया जाए.”

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

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