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फतेहाबाद के दैय्यड़ गांव में भाजपा नेताओं की एंट्री पर रोक, ग्रामीणों ने लगाए बैनर; मुआवजे और नहरी पानी को लेकर नाराजगी

फतेहाबाद। जिले के भट्टू खंड के दैय्यड़ गांव में किसानों और ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। गांव के प्रवेश द्वारों पर इस संबंध में बैनर लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक किसी भी भाजपा नेता को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

ग्रामीण नहरीबंदी और फसल खराब होने के बाद मुआवजा नहीं मिलने से नाराज हैं। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आजीवन जारी रहेगी रोक

आंदोलनकारी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दिवाली तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो भाजपा नेताओं के गांव में प्रवेश पर लगाई गई रोक आजीवन जारी रखी जाएगी। किसानों का कहना है कि नहरी पानी की पुरानी व्यवस्था बहाल होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

लघु सचिवालय के बाहर चौथे दिन भी धरना

फतेहाबाद के लघु सचिवालय के बाहर किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी है। किसान ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश और धान की फसल खराब होने के बाद मुआवजे और राहत की मांग कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। परिवार का खर्च चलाने और कर्ज चुकाने में परेशानी आ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।

किसानों की दो प्रमुख मांगें

1. एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा: किसानों ने ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है।

2. नहरी पानी का पुराना शेड्यूल बहाल हो: किसानों की मांग है कि नहरों में लगातार दो सप्ताह तक पानी छोड़ने की व्यवस्था का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि पुराना शेड्यूल बहाल किया जाए और बीच-बीच में पानी बंद करने की व्यवस्था लागू न हो।

दिवाली की रात भी जारी रहेगा धरना

किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दिवाली की रात भी वे डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से समाधान मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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