करनाल। करनाल के एक स्कूल में करीब 1.75 करोड़ रुपये की फीस में गबन और रिकॉर्ड में हेराफेरी का मामला सामने आया है। मामले में स्कूल के अकाउंटेंट समेत उसकी पत्नी और भाई के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि छात्रों से फीस के नाम पर रकम वसूलने के बाद उसे स्कूल के आधिकारिक रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया और रसीदों में भी कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया।
अकाउंटेंट पर फीस में गड़बड़ी का आरोप
शिकायत के अनुसार, स्कूल में फीस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का पता चला। आरोप है कि अकाउंटेंट ने फीस वसूली से संबंधित रिकॉर्ड में हेराफेरी की और कुछ रकम स्कूल के खाते में जमा नहीं करवाई। पूरे मामले में करीब 1.75 करोड़ रुपये की रकम पर सवाल उठे हैं।
पत्नी और भाई भी केस में नामजद
पुलिस ने मामले में अकाउंटेंट के साथ उसकी पत्नी और भाई को भी आरोपी बनाया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित फर्जीवाड़े से जुड़े लेन-देन और रिकॉर्ड तैयार करने में उनकी भी भूमिका हो सकती है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रसीदों में फर्जीवाड़े का आरोप
मामले में फीस की रसीदों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि कुछ रसीदों में हेराफेरी कर स्कूल से वसूली गई रकम का पूरा हिसाब रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया। पुलिस अब फीस रसीदों और स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस स्कूल के कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड, फीस का डेटा और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर कितनी रकम का गबन हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि 1.75 करोड़ रुपये की रकम में वास्तविक वित्तीय अनियमितता कितनी हुई और उसकी जिम्मेदारी किन लोगों की थी।
थाना मुनक के एसएचओ शीशपाल सिंह ने 28 सितंबर को रिपोर्ट आगे भेजी। असंध के डीएसपी गोरखपाल राणा ने मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी दी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक करनाल की स्वीकृति के आधार पर थाना मुनक में 7 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया। अब एफआईआर की जांच एएसआई धर्मेंद्र को सौंपी गई है।
पुलिस अब बैंक खातों, फीस रिकॉर्ड, डिजिटल रिकॉर्ड, रसीदों और ऑडिट दस्तावेजों की जांच कर मामले में कथित गबन की वास्तविक रकम और तीनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करेगी।
