हरियाणा में बिजली की दरों पर आज फैसला होगा। निकाय चुनावों के बीच हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने स्टेट एडवाइजरी कमेटी (SAC) की मीटिंग बुलाई है। इसमें बिजली की दरों और राजस्व घाटे पर चर्चा कर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
हरियाणा सरकार ने 2019 से बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं की है। इसी बीच हरियाणा में बिजली वितरण कंपनियां घाटे की दुहाई देते हुए बिजली शुल्क बढ़ाना चाहती हैं।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (DHBVNL) ने 2025-26 के लिए कुल राजस्व आवश्यकता (ARR) के लिए 4520 करोड़ रुपए मांगे हैं।
हरियाणा सरकार ने 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने बिजली पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) को 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे लोगों को बिजली बिल पर प्रति यूनिट 47 पैसे FSA देना होगा।

