बढ़ते डिफॉल्टिंग अमाउंट के चलते दक्षिण और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने उपभोक्ताओं पर 47 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) लागू कर दिया है। यह शुल्क 1 जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। अब 201 यूनिट के बिजली बिल पर उपभोक्ताओं को 94.47 रुपये अतिरिक्त चार्ज के रूप में भुगतान करना होगा।
बिजली निगम पहले फायदे में आने पर एफएसए खत्म कर चुका था, लेकिन 1 अप्रैल 2023 से इसे दोबारा लागू किया गया। बिजली निगम की बढ़ती वित्तीय परेशानियों और घाटे के चलते इसे अब एक बार फिर बढ़ा दिया गया है।
85 लाख से अधिक उपभोक्ता होंगे प्रभावित
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) 11 सर्कल में बिजली की आपूर्ति करता है और इसके पास 43.57 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।
- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के पास 37.39 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।
- कुल मिलाकर, हरियाणा में 85 लाख से अधिक उपभोक्ता इस बढ़े हुए शुल्क से प्रभावित होंगे।
बिजली निगम ने 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को एफएसए से छूट दी है। ऐसे उपभोक्ताओं पर यह चार्ज नहीं लगेगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
हरियाणा सरकार और बिजली निगम की यह नई नीति उपभोक्ताओं और किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। प्रदर्शन और विरोध के बीच यह देखना होगा कि बिजली वितरण निगम अपने घाटे को कैसे कम करता है।

