रोहतक नवनिर्मित महम-हांसी रेलमार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेन दौड़ाने का रास्ता साफ हो गया है। रेल मंत्रालय ने इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी है। पिछले 3 माह से इसी कारण इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनें नहीं चल पाई थी। इसके साथ रेलवे ने बढ़ने वाली ट्रेनों की लिस्ट बनाना शुरू कर दिया है। जल्द ही क्षेत्र के लोगों को इनमें सफर करने का मौका मिलेगा। वर्ष 2017 में 70 किमी. लंबे महम-हांसी रेलमार्ग बनाने का काम शुरू किया गया था।
इस बीच ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए जरूरी ओएचई वायर लाइन नहीं बनने के कारण रेलवे ने शुरुआत में डीजल इंजन की दो ट्रेन चलाने का फैसला लिया। फरवरी वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रैक पर डीजल इंजन की दो ट्रेनों के संचालन का शुभारंभ किया था। तब से ट्रैक पर ओएचई वायर लाइन बनाने का काम चलता रहा है। एक माह पहले ट्रैक पर ओएचई वायर लाइन बनाने वाली कंपनी रेलवे को काम पूरा करने की जानकारी देकर ट्रायल करने की बात कही। इस पर दिल्ली के ग्रिड से लाइन में बिजली का करंट छोड़ा गया। रेलवे अधिकारियों की टीम ने इलेक्ट्रिक इंजन चलाकर ओएचई वायर लाइन का टेस्ट लिया था। इसमें लाइन में निर्धारित 25 हजार वोल्टेज का करंट पाया गया। साथ ही सभी 12 सिग्नल सही पाए गए। रेल मंत्रालय को टेस्टिंग की रिपोर्ट भेजी गई, लेकिन रेल मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलने के कारण ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनों का संचालन नहीं हो पाया। फिलहाल, रेल मंत्रालय ने टेस्टिंग रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी है। ट्रैक पर एक मालगाड़ी दौड़ने लगी।
इसके साथ ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की लिस्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। इसमें सबसे पहले वाया हिसार होकर जाने वाली 4 ट्रेनों को महम-हांसी मार्ग से निकालने पर मंथन चला रहा है। महम-हांसी रेललाइन की तस्वीर। एनजीटी की पाबंदी के कारण नहीं बढ़ी थी डीजल की ट्रेन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने डीजल इंजन की ट्रेनों का सीमित प्रयोग करने की बात कही है। इस कारण रेलवे ने महम-हांसी रेललाइन पर शुरुआत में डीजल इंजन की दो ट्रेन चलाई थी। अगर एनजीटी की पाबंदी नहीं होती तो अब तक डीजल इंजन की कई ट्रेन इस पर मार्ग पर चला दी गई होती। अब ओएचई वायर लाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ने वाली है।
महम-हांसी रेल लाइन पर ओएचई वायर लाइन बनाने का काम पूरा हो गया है। रेलवे की तरफ से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी गई है। जल्द ही मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेन बढ़ाई जा रही है। -दीपक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे।
