हरियाणा के 8 नगर निगमों में जल्द चुनाव हो सकते हैं। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने इसकी कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग ने वोटर सूची में इसी महीने जरूरी बदलाव कर 6 जनवरी को वोटर लिस्ट फाइनल करने की तैयारी कर ली है।
इसके बाद जनवरी में ही चुनावों की घोषणा की जा सकती है। इससे पहले 4 दिसंबर को हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि 4 जनवरी को वह निगम चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर देंगे। इसके एक महीने के भीतर चुनाव करवाकर 4 फरवरी को रिजल्ट भी घोषित कर देंगे।
प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं। जिनमें यमुनानगर, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद का कार्यकाल पूरा हो चुका है। मानेसर नगर निगम गठित होने के बाद वहां अभी तक चुनाव ही नहीं हुए हैं।
इस वक्त सिर्फ पंचकूला में ही मेयर है और उनका कार्यकाल 2026 तक है। इसके अलावा अंबाला की मेयर शक्तिरानी शर्मा और सोनीपत के मेयर निखिल मदान भाजपा की टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं। हालांकि यहां मेयर का कार्यकाल अभी 1 साल का बाकी है।
राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने वोटर सूची की डेडलाइन को लेकर प्रदेश के डिप्टी कमिश्नरों और नगर निगम कमिश्नर सहित अन्य अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के लिए शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
हरियाणा के जिन निकायों के चुनाव लंबित हैं, उनमें 8 नगर निगम, 4 नगर परिषद और 23 नगर पालिकाएं शामिल हैं। इन निकायों का कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव परिसीमन, लोकसभा-विधानसभा चुनाव और आरक्षण में फंसे रहे।
पिछले साल एक एनजीओ जनाग्रह ने अपने सर्वे में पाया था कि गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत देश के 1400 से अधिक शहरों में निर्वाचित मेयर और पार्षद नहीं हैं। जनता के प्रतिनिधि नहीं होने से शहरों में समस्याओं के अंबार हैं। आयोग ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
मामले में पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट दो महीने में चुनाव करवाने के आदेश दे चुका है। हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट-1994 की बात की जाए तो निगम पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने के 6 माह में चुनाव करवाना जरूरी है। 2022 में गुड़गांव और दूसरे नगर निगमों में पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में दो साल से अधिक समय से शहर की सरकार के लिए चुनाव नहीं हुए हैं।
