सोशल मीडिया पर लोकप्रिय यूट्यूबर एल्विश यादव ( Elvish Yadav) और हरियाणवी सिंगर फाजिलपुरिया (Fazilpuria) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाते हुए उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े इस मामले में दोनों की हरियाणा और उत्तर प्रदेश स्थित संपत्तियों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई सांप के ज़हर के अवैध व्यापार के मामले में की गई है, जोकि अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
लोकप्रिय यूट्यूबर और ‘बिग बॉस ओटीटी 2’ के विजेता एल्विश यादव पर आरोप है कि वह रेव पार्टियों में सांप का ज़हर सप्लाई कर रहे थे। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुरू की थी, जिसके तहत एल्विश यादव और हरियाणवी सिंगर राहुल यादव उर्फ फाजिलपुरिया से कई बार पूछताछ की गई। हाल ही में, दोनों की कुल 52 लाख रुपए से अधिक की संपत्तियों को जब्त किया गया है। ईडी की जांच के मुताबिक, एल्विश यादव और फाजिलपुरिया के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत केस दर्ज है।
ईडी की कार्रवाई में एल्विश यादव, फाजिलपुरिया और उनके संबंधित कंपनी ‘मेसर्स स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की 52 लाख 49 हजार रुपए की संपत्ति को जब्त किया गया है। इनकी संपत्तियों में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में स्थित कृषि भूमि भी शामिल है। इसके साथ ही, इनसे जुड़े सभी बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन रोका जा सके।
ईडी ने इस मामले में पहले भी एल्विश यादव और फाजिलपुरिया से कई बार पूछताछ की थी। पांच सितंबर को करीब आठ घंटे तक एल्विश से पूछताछ की गई थी। इस दौरान उनसे सांप के जहर के व्यापार और उनकी कमाई के स्रोतों के बारे में सवाल किए गए थे। इससे पहले अगस्त में भी एल्विश से दो बार पूछताछ की जा चुकी थी।
यह मामला सिर्फ सांप के ज़हर के अवैध व्यापार से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें रेव पार्टियों में किए जाने वाले अवैध कारोबार और उससे होने वाली कमाई की जांच भी शामिल है। ईडी ने इस मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाते हुए एल्विश यादव और फाजिलपुरिया की कमाई के स्रोतों की पूरी जांच-पड़ताल की है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स, जो बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखते हैं, अब कानून के दायरे में आ रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

