नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी ED ऑफिस पहुंचे राहुल गांधी लंच के वक़्त ऑफिस से बाहर आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंच से पहले 3.30 घंटे तक ED ने उनसे पूछताछ की है।
इससे पहले सुबह जब राहुल ED ऑफिस के लिए रवाना हुए तो पार्टी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर प्रदर्शन करने उतर आए। कई महिला कार्यकर्ता पुलिस ने भिड़ गईं, पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया है। वहीं, कांग्रेस कार्यालय में पुलिस की एंट्री पर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर अपना गुस्सा दिखाया।
पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं ली थी। कांग्रेस को इस बारे में सूचित किया गया था कि धारा 144 लगाई गई है, इसके बाद भी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। इसके जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि पुलिस पर FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता शाम 4 बजे देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने की पुलिस की आलोचना
प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि प्रशासन के इशारे पर पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय में घुसकर नेताओं को पीटा गया, जो कि बिलकुल गलत है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का रोका जा रहा है, यह लोकतंत्र की हत्या है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा- ‘मैं अपने घर में इनसे पूछकर जाऊंगा? मैं अपने कार्यालय इनसे पूछकर जाऊंगा? मैं नक्सल प्रदेश से आता हूं, मुझे Z+ सुरक्षा है। मुझसे कह दिया जाता है कि सिर्फ एक सुरक्षाकर्मी लेकर जाएंगे। मुझे बीच सड़क पर एक घंटे तक रोक दिया जाता है। आखिर साजिश क्या है?’
वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस का आना गैरकानूनी था। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर हुई।

