रोहतक स्थित जिला विकास भवन के सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहुंचे। बीच रास्ते में सिंहपुरा के ग्रामीणों ने अपने घरों पर चलने वाले प्रशासन के बुलडोजर को रोकने की गुहार लगाई। जिस पर दीपावली तक का समय दिया। ताकि वे अपने पक्ष की पैरवी कर पाएं।
इधर, परिवेदना समिति की बैठक में भी सख्ती से अधिकारियों को फटकार लगाई और मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
गांव सिंहपुरा निवासी धर्मपाल, हवासिंह, प्रमोद, सुभाष, संतराम, ओमप्रकाश आदि ने कहा उन्होंने 50 सालों से गांव में मकान बनाए हुए हैं। ऐसे में सरकार उनके मकानों को तोड़ रही है। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। जबकि प्रशासन ने सोमवार को तोड़ने के निर्देश दिए हुए थे। इसको लेकर ग्रामीण जिला विकास भवन के बाहर पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने अपना विरोध जताया और डिप्टी सीएम से मिलने की इच्छा जताई।
जिसके बाद जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक में शामिल होने जा रहे डिप्टी सीएम ने गाड़ी रोककर उनसे बातचीत की। डिप्टी सीएम से बातचीत के बाद नवीन जयहिंद ने कहा कि उन्हें उपमुख्यमंत्री ने दीपावली तक घर नहीं तोड़ने देने का आश्वासन दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी उनके मुद्दे को उठाने की बात कही।
वार्ड 16 की पार्षद डिम्पल जैन ने शहरी एरिया में सप्लाई हो रहे गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे को पहले भी जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में रखा जा चुका है। पिछली बार बैठक में CMO को सैंपलों की जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के सैंपल लिए। जिसमें आधे से अधिक सैंपल फैल मिले।
जब डिप्टी सीएम ने पब्लिक हेल्थ के एसई से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि 13 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 8 फैल मिले और 5 पास हुए। जिस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि आधे से अधिक सैंपल फैल होने को उपलब्धि मांग रहे हैं या फिर शर्म आ रही है। जिस पर एसई जी सर कहते हुए नई पाईप लाइन डालने का सुझाव दिया।

शिकायतकर्ता की पत्नी का हेड ऑफिस तबादला
गांव खेड़ी साध निवासी ऋषिपाल ने जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में शिकायत रखते हुए कहा कि IMT रोहतक स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी साफ करने के लिए कैमिकल का प्रयोग किया जाता है। लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियों से मिलीभगत करके पानी साफ करने के लिए कोई कैमिकल नहीं डाला। जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिस पर अधिकारियों ने पक्ष रखते हुए कहा कि जिस ठेकेदार पर आरोप लगाए हैं, उसका ऋषिपाल भी पार्टनर व कर्मचारी था। साथ ही उसकी पत्नी भी वहीं पर काम करती हैं। इसलिए डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि तुरंत प्रभाव से ऋषिपाल की पत्नी का तबादला हेड ऑफिस किया जाए और इस मामले की ऑफिसियल जांच की जाए। हालांकि ऋषिपाल अपनी पत्नी के तबादले को रुकवाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा।

रास्ता दिलाने के निर्देश।
गांव भालौठ निवासी रामपति ने शिकायत दी कि उसने 1 कनाल 15 मरले जमीन खरीदी थी। इसका रास्ता नहीं दिया गया। 2002 में फैसला किया गया था कि सभी हिस्सेदारों के लिए रास्ता देंगे। जिसके बाद पंचायत ने गली को भी पक्का करवा दिया। 1 सितंबर को आधी गली पर चिनाई करके रास्ता रोक दिया। उन्होंने रास्ता दिलाने की मांग की। जिस पर डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि रामपति को रास्ता दिलाया जाए।

बेरोजगारी के सवाल पर बोलते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोरोना के बाद पिछले डेढ़-दो साल में बेरोजगारी बढ़ी है। इसके बावजूद भी हरियाणा ने प्रयास किया और एक भी कंपनी को बंद होने का मौका नहीं दिया। बल्कि 28 हजार करोड़ के नए निवेश से नई इंडस्ट्री आएंगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में अपराध बड़ा था। जबकि वर्तमान सरकार ने माहौल बदला और आज कंपनी हरियाणा में निवेश कर रही हैं।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा के गठबंधन के साथ जब 27 अक्टूबर को शपथ ली थी, तो लोग कहने लगे थे कि समझौता टूट जाएगा, लेकिन आज 2 अक्टूबर हो गई है। 25 दिन बाद इस सरकार के 3 सफल साल मनाएंगे। उसके बाद भी 2 साल गठबंधन ऐसे ही चलेगा। कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कहा उनकी कांग्रेस के साथ जाने की मानसिकता नहीं हैं। अगर ऑफर आया होता तो भी कांग्रेस के साथ नहीं जाते।
