हरियाणा के अंबाला जिले में कोरोना के चलते डेढ़ साल पहले लॉकडाउन में हुई शादी दहेज की भेंट चढ़ गई। जींद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो दहेज के लालची पति सहित परिवार के लोगों का हौंसला बढ़ गया। तरह-तरह की यातनाएं देते हुए विवाहिता को पशुओं के बाड़े में रहने को मजबूर कर दिया। पति को बुलेट के साथ 75 हजार रुपए दिए तो उसका मन नहीं भरा और पत्नी से मारपीट करके उसे घर से निकाल दिया। अंबाला कैंट के सुंदर नगर निवासी छाया ने अपने जींद निवासी पति सुरिंद्र सिंह सहित ससुर सज्जन सिंह, सास शीला व जेठ सुखबीर सिंह के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज करवाया। पड़ाव पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
शिकायकर्ता छाया ने बताया कि शादी 1 मई 2020 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार, सुरिन्द्र पुत्र सज्जन सिंह से हुई थी। यह शादी लॉकडाउन के समय हुई थी। इस वजह से केवल 5 लोग ही बरात में आए थे। शादी में मां ने अपनी हैसियत से बढ़कर लगभग 3 लाख रुपया खर्च किया था। शादी के समय मां ने मेरे पति को 21,000 रुपए नकद, सोने की चैन व ब्रासलेट, एक सोने की अंगूठी तथा मेरी सास को सोने के कानों के टोपस, एक सोने की अंगूठी, पैरों की पाजेब दी थी। एलसीडी 32 इंच सैमसंग आदि घरेलू सामान देकर विदा किया था। लेकिन ससुरालियों ने एक सप्ताह बाद ही तंग करना शुरू कर दिया था।
छाया ने बताया कि ससुराल से कई बार 100 नंबर पर कॉल भी किया। लेकिन शिकायत पर जींद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 20 नवंबर 2020 को ससुराल दोबारा चली गई थी। मेरे पति ने मेरी सास, ससुर के पैर पकड़वा कर माफी मंगवाई, तब मुझे घर में आने दिया। मेरी सास ने मुझे अपने घऱ से बाहर थोड़ी दूर पशुओं के बाड़े में रहने के लिए मजबूर किया। मेरे भाई ने नई बुलेट मोटर साइकिल भी दी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

