नहरबंदी का हवाला देकर पब्लिक हेल्थ विभाग ने रविवार से ही राशनिंग शुरू कर दी है। इसके चलते पुराने शहर के आधा दर्जन मोहल्लों की करीब साढ़े 10 हजार आबादी को पहले ही दिन पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाई। यहां के निवासियों के मुताबिक अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में 13 से 25 मिनट ही पानी आया। इससे उपभोक्ताओं को पानी के लिए मुश्किल झेलनी पड़ रही है।
परधाना मोहल्ला, सालारा मोहल्ला, पाड़ा मोहल्ला, कायस्थान मोहल्ला, टिबड़ी मोहल्ला, ब्राह्मणान मंडी, कुंभारो वाली गली और डेयरी मोहल्ला के तमाम घरों में रविवार को पानी की दिक्कत शुरू हो गई। जबकि सोनीपत रोड स्थित प्रथम जलघर से जुड़े गोहाना अड्डा बूस्टर, पाड़ा मोहल्ला बूस्टर, डेयरी मोहल्ला बूस्टर और जुलाहा चौक बूस्टर से पुराने शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है।
नए राशनिंग शेड्यूल के तहत इन इलाकों में सुबह के समय 1 घंटा 10 मिनट तक पेयजल सप्लाई होनी थी। लेकिन लो प्रेशर की समस्या के कारण इन मोहल्लों में महज 10 मिनट ही पानी नलों से घरों में पहुंचा।
आज सप्लाई का आधा टाइम पाइप भरने में बीतेगा क्योंकि लोगों ने मोटर लगा पानी खींच लिया
सलारा मोहल्ला निवासी बूटाराम, कायस्थान मोहल्ला निवासी सुरेद्र, तुषार, अनिल, रवि, पाड़ा मोहल्ला निवासी तरुण गुलाटी, मनोज, डेयरी मोहल्ला निवासी अनिल, अंकित, प्रीतम और कृष्ण कुमार ने बताया कि लो प्रेशर की वजह से भी तमाम घरों पानी नहीं पहुंच पाया है। पूरे समय तक पानी नहीं आने से लोगों ने मोटर लगाकर पाइप का भी पानी खींच लिया है। ऐसे में सोमवार को जब सुबह के समय बूस्टर से सप्लाई छोड़ी जाएगी तो अधिकांश समय पाइप भरने में ही खत्म हो जाएगा।
पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला ने बताया कि तीन दिन से भालौठ सब ब्रांच नहर में पानी की आपूर्ति ठप है। पाउंडिंग के बावजू गत शनिवार को ही जेई से रिपोर्ट मिली कि नहर में पानी तलहटी में जाने से पंप से लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर से जेएलएन नहर में 5 दिसंबर को नहरी पानी आएगा। जो कि 6 दिसंबर को ही जलघर तक पहुंचेगा। ऐसी स्थिति में पानी की आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी है। दरअसल प्रथम जलघर के टैंकों में मात्र 8 दिन तक ही पानी की आपूर्ति की क्षमता है।

