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रोहतक PGIMS में डॉ सविता सिंघल की टीम ने महिला को दी नई जिंदगी: निकाला 8 किलो का ओवेरियन ट्यूमर


रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्त्री एवं प्रस्तुति रोग विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ सविता सिंघल व उनकी टीम ने एक महिला के 8 किलोग्राम ओवेरियन टयूमर को निकाल कर, उसे नया जीवनदान प्रदान करने का कार्य किया है। स्त्री एवं प्रसूत्री रोग विभाग एवं निश्चेेन विभाग के चिकित्सकों को कुलपति डॉ एच के अग्रवाल, निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल व चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल ने बधाई देते हुए कहा कि डॉ सविता की टीम ने इस महिला को नई जिंदगी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह उनकी विशेषज्ञता और समर्पण का एक उदाहरण है जिसके लिए वें समस्त चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हैं।


महिला के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉ सविता सिंघल ने बताया कि उनके पास एक करीब 50 वर्षीय जींद की रहने वाली महिला पेट में भारी पन की समस्या को लेकर पहुंची थी। महिला ने बताया था कि वह पिछले करीब 1 साल से पेट में भारी पन की समस्या से पीड़ित है और उसने बाहर प्राइवेट अस्पताल में भी दिखाया था जहां पर आराम न मिलने के चलते जींद सरकारी अस्पताल में दिखाया जहां उसे पीजीआईएमएस रेफर किया गया। डॉ सविता सिंघल ने बताया कि महिला के अल्ट्रासाउंड की जांच की गई तो बड़ी ही हैरानी वाली बात सामने आई की महिला को बहुत बड़ा ओवेरियन टयूमर है जिस पर महिला की आगामी जांच करवाते हुए जल्द से जल्द सर्जरी करने का प्लान बनाया गया ताकि महिला की जान को खतरा ना हो। डॉ डॉक्टर सविता ने कहा कि महिला का करीब तीन घंटे सफल ऑपरेशन चलने के बाद वे 8 किलो का ट्यूमर निकालने में कामयाब रहे, जिसका साइज करीब 42 * 40 सेंटीमीटर था। डॉ मोनिका दलाल ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतना बड़ा ट्यूमर देखा है। डॉ सविता सिंघल ने बताया कि उनके साथ ऑपरेशन में उनके विभाग की डॉक्टर मोनिका दलाल, डॉक्टर शिखा मदान और डॉक्टर प्रेरणा उपस्थिति रही वहीं एनेस्थीसिया विभाग से डाक्टर सुरेश िसघल की निगरॉनी मे डा रेणु बाला और डॉ मयूरी ने भी अहम भूमिका निभाई क्योंकि महिला का ऑपरेशन के समय बीपी कम हो रहा था और धड़कन भी ऊपर नीचे हो रही थी जिन्होंने अपने अनुभव से यह सफल ऑपरेशन करवाने में भरपूर सहयोग दिया। महिला अब स्वास्थ्य लाभ ले रही है और करीब एक सप्ताह के अंदर उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।


डॉ सविता सिंघल ने 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं से आग्रह किया कि यदि किसी को पेट में अफारा बनता हो, भारीपन रहता हो, बिना वजह उल्टी आती हो, कब्ज की समस्या रहती हो, पैरों में सूजन आदि लक्षण मेनोपॉज के टाइम पर नजर आते हैं तो उन्हें जल्द से जल्द किसी अच्छी स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए क्योंकि समय पर इस प्रकार के ट्यूमर का इलाज नहीं करवाया जाता तो वह कैंसर का भी रूप धारण कर सकता है जिससे मरीज की जान का जोखिम हो जाता है। उन्होंने कहा कि पीजीआइएमएस में इस प्रकार की बीमारी के इलाज की सभी अत्याधुनिक मशीन उपलब्ध हैं जिसके लिए वे कुलपति डॉ एच के अग्रवाल, निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल व चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल का तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त करती हैं। इस अवसर पर डॉ मोनिका दलाल, डॉक्टर शिखा मदान,डॉ प्रेरणा, एनेस्थीसिया विभाग से डॉक्टर रेणु बाला ,डॉक्टर मयूरी भी उपस्थित रहीं।

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