विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रबंध समिति और प्रांतीय मंडल की बैठक में विहिप ने अपने संगठन में बदलाव किया है। केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ.आर एन सिंह (डॉ.रविंद्र नारायण सिंह) को केंद्रीय अध्यक्ष बनाया गया। प्रमुख सर्जन के पहचान बनाने वाले डॉ. सिंह पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हैं। अध्यक्ष बनने के बाद डॉ. सिंह ने कहा,अयोध्या में जन-जन के सहयोग से राम मंदिर के निर्माण हो रहा है। मंदिर का निर्माण सभी की भागीदारी से ही किया जाएगा। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद को और भी सशक्त व मजबूत बनाया जाएगा।

विहिप के नए अध्यक्ष के सहरसा के रहने वाले है। उनके पिता जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्व.राधा बल्लभ सिंह थे। डॉ. आर.एन सिंह प्रसिद्ध अस्थि शल्य चिकित्सक हैं। स्कूली शिक्षा कटिहार और पटना में पूरा करने के बाद उन्होंने पीएमसीएच से एमबीबीएस करने के बाद लगभग एक दशक लंदन में एफआरसीएस व अन्य डिग्री हासिल की। वे लंदन में रहने के दौरान ही विश्व हिंदू परिषद से जुड़े। 80 के दशक में पटना आकर अपनी क्लीनिक चलाने लगे। इस दौरान उन्हें बेहतर सेवा के लिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पद्मश्री सम्मान भी दिया। वह विगत दिनों से विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय थे।

धर्मांतरण रोकने को गांवों में गठित होंगी इकाइयां
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा,बैठक में पूर्व न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे ने अपनी बढ़ती उम्र के कारण स्वत: पदमुक्त होने का निवेदन किया था। जिसे स्वीकार कर लिया गया और उनके स्थान पर डॉ.आर.एन. सिंह को नया अध्यक्ष चुना गया, जबकि अधिकांश पदाधिकारी पहले ही तरह ही बने रहेंगे।

जैन ने आगे कहा कि, मेवात को कश्मीर नहीं बनने दिया जाएगा। यहां धर्मांतरण रोकने के लिए गांवों में संगठन की इकाइयों का गठन किया जाएगा। मेवात से अब पलायन नहीं होगा बल्कि पराक्रम के साथ रहना होगा। मेवात के हिन्दू समाज के साथ आसपास का हिन्दू समाज खड़ा होगा।

जैन ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी चारों घोषणाओं को मेवात में अमल में लाएं। मेवात में गो हत्या पूर्ण रूप से बंद हो, धर्मांतरण के लिए कानून बनाएं, हिन्दू धर्मस्थलों का संरक्षण हो और मेवात में बीएसएफ का कैंप हो।

गौरतलब है कि,विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की दो दिवसीय बैठक में हरियाणा के फरीदाबाद में हो रही है। इस बैठक में देशभर के लगभग 275 विहिप पदाधिकारियों और विदेशों के प्रतिनिधियों के भी शामिल हुए है। इस बैठक में राम मंदिर निर्माण कोष को लेकर उठे विवाद से लेकर जनसंख्या नियंत्रण और जबरन मतांतरण के खिलाफ कानून बनाने के विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में वीएचपी अपनी सालभर की नई कार्ययोजना भी चर्चा करेगी।

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