रोहतक के महम में मंगलवार को हुए डबल मर्डर केस में 20 साल पुरानी चुनाव रंजिश की बात सामने आई है। मृतक वजीर के भाई रामनिवास ने बताया कि विवाद सरपंच के चुनाव से शुरू हुआ था। मुख्य आरोपी अंकित उर्फ गोधू का ताऊ सरपंची के चुनाव में खड़ा हुआ था। उनके परिवार ने उसके पक्ष में वोट नहीं डाले।
हालांकि, अंकित का ताऊ जीत गया और सरपंच बन गया। इसके बाद अंकित का परिवार उनसे रंजिश रखने लगा। सरपंची मिलने के बाद उनके पिता को भी झूठा केस लगवाकर पुलिस की सहायता से उठवा दिया। तभी से धमकियों और झगड़े का दौर शुरू हो गया। बात दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष तक पहुंच गई।
एक पक्ष ने गोधू गैंग बना ली और दूसरा डीसी गैंग से जुड़ गया। इसमें अब तक 7 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। 3 हत्याएं डीसी गैंग के सदस्यों की हुई तो 3 ही गोधु गैंग के लोगों की। करीब 1 साल पहले खेत में 2 युवकों की हत्या हुई थी। वहीं गैंगवार कर बेडवा के पास दो लोगों को गोली मारी गई थी। वहीं 1 युवक की हत्या गांव में ही घेरकर की गई थी।
वजीर के बेटे अशोक उर्फ शोकी पर भी आरोपियों ने करीब 3-4 साल पहले 5-6 गोली फायर की थी। उसमें अशोक की जान बच गई। इसके बाद गोधु गैंग के सदस्य गप्पू की हत्या के मामले में अशोक और भतीजा संदीप करीब डेढ़ साल से जेल में बंद हैं। अशोक हिसार जेल में है तो वहीं संदीप भिवानी जेल में। इसी मामले में परिवार के अन्य लोगों के भी नाम शामिल हैं।
रामनिवास ने बताया कि इन सिलसिलेवार वारदातों को निपटाने के लिए गांव में 5-6 बार पंचायत भी हो चुकी है, लेकिन पंचायत में समझौता होने के बाद भी आरोपी रंजिश रखे हुए हैं।
भिवानी स्टैंड पर दुकान के बाहर मारी गोलियां
निंदाना गांव का रहने वाला वजीर (58) मंगलवार को महम कोर्ट में 2018 के एक मामले में पेशी पर आया था। पेशी के बाद वह भिवानी स्टैंड पर बस का इंतजार करने लगा। जब बस नहीं आई तो वह एक दुकान के बाहर बैठ गया। यहां पर किशनगढ़ का बल्लू पहले से बैठा था। दोनों हुक्का पीने के साथ ही बात करने लगे। तभी बाइक पर हेलमेट लगाकर आए 2 बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरूकर दीं।
दोनों ने 1 मिनट में 8 राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से 6 वजीर को मारी, जबकि एक बल्लू के सिर पर लगी। मौके पर भगदड़ मच गई। इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। भिवानी स्टैंड पर गोलियां चलने की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक वजीर की मौत हो चुकी थी।
वहीं, बल्लू को PGI में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । वजीर के भाई रामनिवास की शिकायत पर अंकित उर्फ गोधु, राहुल, रणवीर, रणवीर की पत्नी व साहिल व राजू के बेटे को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है।
