रोहतक में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने जियो फेंसिंग अटेंडेंस के खिलाफ एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल की, जिसके दौरान सिविल अस्पताल में मरीजों को परेशानी हुई। हालांकि एक घंटे बाद डॉक्टर अपने काम पर लौट गए और मरीजों को देखना शुरू कर दिया। लेकिन इससे पहले डॉक्टरों ने एमएस के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शन कर रहे डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी के आह्वान पर एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया है। अगर सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की बात नहीं मानी और मनमर्जी थोपने का प्रयास किया तो तालमेल कमेटी अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना सकती है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

डॉ. विश्वजीत राठी ने कहा कि सरकार ने फरमान जारी किया कि जियो फेंसिंग एप पर अटेंडेंस लगाए, लेकिन डॉक्टर अपने पर्सनल फोन में एप डाउनलोड नहीं करेंगे, यह उनकी पर्सनल लिबर्टी का हनन होगा। पहले ही रजिस्टर व बायोमेट्रिक हाजरी डॉक्टर लगा रहे हैं, फिर जियो फेंसिंग हाजरी लगाने का क्या औचित्य है।

डॉ. विश्वजीत राठी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कैडर बहुत बड़ा है। अगर एक दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग अपना काम बंद कर दे तो सरकार भी घुटनों पर आ सकती है, क्योंकि काम बंद करने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी। अभी एक घंटे की हड़ताल की, जिसमें पोस्टमॉर्टम व एमरजेंसी सेवाओं को नहीं रोका गया

डॉ. विश्वजीत राठी ने कहा कि अगर सरकार ने अपने जियो फेंसिंग हाजरी वाले फरमान को वापस नहीं लिया तो तालमेल कमेटी कड़ा रुख अपना सकती है। हड़ताल के दौरान जिन मरीजों को परेशानी हुई है, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

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