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उत्पन्ना एकादशी पर कर लें ये काम, बिजनेस में मिलेगी दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की

हिंदू धर्म में हर किसी व्रत को बहुत ही महत्वता दी जाती है। इन्हीं व्रतों में से एक एकादशी का व्रत भी है। भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के लिए एकादशी का व्रत रखा जाता है। हर महीने आने वाली एकादशी को अलग-अलग नाम से जाना जाता है। कामदा एकादशी, वरुथिनी एकादशी, मोहिनी एकादशी, अपरा एकादशी, निर्जला एकादशी, देवशयनी एकादशी, कामिका एकादशी, पुत्रदा एकादशी आदि। लेकिन मार्गशीर्ष महीने में पड़ने वाली इस एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में…

उत्पन्ना एकादशी पर इस बार अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति योग, आयुष्मान योग यानी की चार शुभ योग बन रहे हैं। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फल मिलता है। सर्वार्थ सिद्धि योग 20 नवंबर यानी रविवार सुबह 06:51 से दोपहर 12:36 तक है। वहीं आयुष्मान योग 20 नवंबर रात 11:04 से 21 नवंबर रात 09:07 तक है। अमृत सिद्धि योग 20 नवंबर सुबह 06:50 से लेकर दोपहर 12:36 तक रहेगा। 

यदि आपका बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा तो आप उत्पन्ना एकादशी पर कुछ आसान से काम करके समस्या से राहत पा सकते हैं। इस दिन आप पांच गुंजाफल श्री विष्णु के सामने रखें। इन गुंजाफल की पूजा करें। पूजा करने के बाद इन्हें अपने तिजोरी या गल्ले में रख लें। इससे आपको कारोबार में लाभ होगा। 

यदि आपको किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो तुलसी की जड़ की थोड़ी सी मिट्टी लेकर पानी में डालें। इस पानी से स्नान करें। साफ-सुथरे कपड़े पहनें और भगवान विष्णु की पूजा करें। इससे आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। 

यदि आपके परिवार वालों के साथ रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे तो आप पूजा के ब्राह्मण का आशीर्वाद लें। आशीर्वाद लेकर उन्हें दक्षिणा के रुप में भी कुछ भेंट जरुर करें। 

नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए आप भगवान विष्णु की पूजा के समय दस मुखी रुद्राक्ष की पूजा करें। इसके बाद इस माला को अपने गले में डाल लें। नेगेटिव एनर्जी दूर होगी। 

यदि आपके घर में कलेश रहता है तो आप इस दिन घर के मंदिर में दक्षिणवर्ती शंख रखें। शंख पर रोली, धूप-दीप आदि के साथ पूजा करें। इससे भी आपके घर में सुख-शांति बनी रहेगी। 

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