Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

धनतेरस की रात कर लें ये काम, धन्वंतरी देव की पूरे साल बनी रहेगी आप पर कृपा

दीवाली हिंदुओं का पवित्र और प्रसिद्ध त्योहार है। यह त्योहार एक दिन नहीं बल्कि पूरे पांच दिन तक मनाया जाता है। धनतेरस से दीवाली की शुरुआत हो जाती है और भाई दूज पर इसका समापन होता है। धनतेरस का त्योहार कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार धनतेरस 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस वाले दिन भगवान कुबेर, मां लक्ष्मी और धन्वंतरी देव की पूजा की जाती है। इस दिन खरीदी हुई चीजों को भी बहुत ही शुभ माना जाता है। धनतेरस पर खरीदी हुई कोई भी चीज जैसे सोना-चांदी, वाहन, प्रापर्टी में 13 गुना की वृद्धि होती है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से मां लक्ष्मी भी आप पर मेहरबान होती हैं। 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, धन्वंतरी देव की उत्पति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। उनकी कृपा से धन, दौलत और अच्छी सेहत भी मिलती है। 

ज्योतिषाशास्त्र के अनुसार, धन्वंतरी स्त्रोत का भी बहुत ही खास महत्व बताया गया है। इस स्त्रोत का जाप करने से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। साथ ही देव धन्वंतरी की कृपा से मनुष्य के जीवन में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं रहती। धनतेरस वाले दिन भगवान धन्वंतरी की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस दिन देव धन्वतंरी की रात में पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि पूजा के बाद धन्वंतरी स्त्रोत का पाठ करने से घर की तिजोरी पैसे से भर जाती है। 

ऊं शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मि:। सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम।। कालाम्भोदोज्जवलांगं कटितटविलसच्चारुपीतांबराढ्यम। वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम।। ऊं नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:। अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवरणाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरुप। श्री धन्वंतरी स्वरुप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नम:। 

पाठ करने के लिए धनतेरस की शाम को आप उत्तर दिशा में पूजा की चौकी तैयार करें। इस चौकी पर भगवान कुबेर, धन्वंतरी देव और मां लक्ष्मी की प्रतिमा रखें। भगवान कुबेर को सफेद मिठाई और देव धन्वंतरी को पीले रंग की मिठाई खिलाएं। फिर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा करने के बाद आप स्तोत्र का पाठ करें। 

Exit mobile version