आज दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (DLCSUPVA), रोहतक के सैकड़ों छात्रों ने एकजुट होकर विश्वविद्यालय परिसर से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक विशाल विरोध मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय, लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन तथा शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग के विरोध में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जंतर-मंतर पर अपनी लोकतांत्रिक मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठा रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। छात्रों का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
प्रदर्शन में छात्रों ने देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि इससे लाखों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ है। इस नैतिक विफलता की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की गई। साथ ही छात्रों ने पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी विलंब के सम्मानपूर्वक रिहाई की मांग की। इसके अतिरिक्त पेपर लीक से निराश होकर आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा, दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई तथा संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी और जवाबदेह सुधार लागू करने की मांग भी उठाई गई।
छात्रों ने स्पष्ट घोषणा की कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा या एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।
छात्रों ने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही DLCSUPVA का छात्र समुदाय रोहतक के उपायुक्त (DC) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक के विरुद्ध कठोर कानून, छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा तथा उपरोक्त सभी मांगों पर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की जाएगी।
छात्रों का वक्तव्य
“यह केवल प्रश्नपत्र लीक होने का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के विश्वास, मेहनत और भविष्य पर किया गया हमला है। छात्रों की न्यायपूर्ण मांगों का उत्तर लाठीचार्ज नहीं हो सकता। सरकार को दमनकारी रवैया छोड़कर जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
जारीकर्ता:
छात्र समुदाय
दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (DLCSUPVA), रोहतक
